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Avalanche: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर आए भीषण हिमस्खलन में पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की मौत हो गई. जानिए हिमस्खलन क्या होता है, यह कैसे आता है, क्यों इतना खतरनाक होता है.
Nirmal Purja Death:
एक हिमस्खलन… और निर्मल पुर्जा समेत 10 लोगों की मौत
पाकिस्तान के कराकोरम पर्वत श्रृंखला में मौजूद 8,047 मीटर ऊंची ब्रॉड पीक पर आया एक हिमस्खलन में दुनिया के मशहूर पर्वतारोहियों में शामिल निर्मल पुर्जा (Nirmal Purja) समेत 10 पर्वतारोहियों की जान चली गई. कई दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उनका शव करीब 5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला. उनके साथ अमेरिका की मॉलरी गीस, ओमान की नाधिरा अल हार्थी और नेपाल के पुर बहादुर गुरूंग समेत कई अन्य पर्वतारोहियों की भी मौत हुई.

क्या होता है हिमस्खलन?
इस हादसे से हिमस्खलन पर चर्चा तेज हो गई है. चलिए आपको बताते हैं यह क्या होता है? हिमस्खलन आने के पीछे की वजह और बचने के लिए पर्वतारोही क्या करते हैं. हिमस्खलन (Avalanche) वह स्थिति होती है, जब पहाड़ पर जमी भारी बर्फ अचानक टूटकर तेज रफ्तार से नीचे की ओर बहने लगे. यह बर्फ अपने साथ पत्थर, चट्टान, बर्फ के बड़े-बड़े टुकड़े और मलबा भी लेकर आती है. इसकी रफ्तार कई बार 100 से 300 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में इसके रास्ते में आने वाला इंसान, टेंट या कोई भी चीज कुछ ही सेकंड में बर्फ के नीचे दब सकती है.
पहाड़ अचानक क्यों टूटते हैं?
बता दें हिमस्खलन कभी भी बिना वजह नहीं आता. लगातार बर्फबारी, तेज हवाएं, तापमान में अचानक बदलाव, ग्लेशियर की दरारें, भूकंप या फिर पर्वतारोहियों की हलचल भी इसकी वजह होती है. जब पहाड़ पर जमी बर्फ की परत कमजोर हो जाती है, तो हल्का-सा दबाव भी उसे नीचे खिसका देता है. कई बार मौसम बिल्कुल साफ दिखता है, लेकिन ऊपरी हिस्से में बर्फ अस्थिर होती है और अचानक पूरा पहाड़ बर्फ के साथ नीचे टूट पड़ता है.

निर्मल पुर्जा के साथ क्या हुआ?
अब बात करें निर्मल पुर्जा केस की तो वह इस अभियान की अगुवाई कर रहे थे. उनका लक्ष्य पहले सिर्फ गैशरब्रुम-II (G2) पर चढ़ाई करना था, लेकिन पाकिस्तान रवाना होने से पहले उन्होंने ब्रॉड पीक पर भी चढ़ने का फैसला किया. अगर यह मिशन सफल हो जाता, तो वह बिना ऑक्सीजन के दुनिया के सभी 14 आठ-हजारी (8,000 मीटर से ऊंचे) पहाड़ों पर दो बार चढ़ने वाले पहले इंसान बन जाते. लेकिन चढ़ाई के दौरान आए भीषण हिमस्खलन ने उनके इस मिशन को हमेशा के लिए अधूरा छोड़ दिया.
क्यों खास थे निर्मल ‘निम्स’ पुर्जा?
नेपाल में जन्मे निर्मल पुर्जा ने 16 साल तक ब्रिटिश सेना में सेवा दी, जिनमें 10 साल स्पेशल फोर्स का हिस्सा रहे. साल 2019 में उन्होंने सिर्फ 189 दिनों में दुनिया की सभी 14 आठ-हजारी चोटियों पर चढ़कर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि पिछला रिकॉर्ड सात साल से भी ज्यादा का था. उनकी इस उपलब्धि पर बनी Netflix डॉक्यूमेंट्री – 14 Peaks: Nothing Is Impossible ने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिलाई. 2018 में उन्हें पर्वतारोहण में योगदान के लिए MBE सम्मान भी मिला था.

दुनिया ने ‘निम्स’ को ऐसे दी श्रद्धांजलि
निर्मल पुर्जा की मौत की खबर सामने आते ही दुनिया भर से श्रद्धांजलि संदेश आने लगे. नेपाल के प्रधानमंत्री ने इसे देश के लिए बड़ा झटका बताते हुए कहा कि उनका साहस और योगदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा. ब्रिटेन के प्रिंस विलियम ने उन्हें बेहतरीन सैनिक और महान पर्वतारोही बताया. वहीं उनके बड़े भाई कमल पुर्जा ने भावुक संदेश में लिखा कि उनका शरीर भले हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जिंदा रहेगी.
हादसे से पहले का वीडियो आया सामने
मिशन पर रवाना होने से पहले निर्मल पुर्जा ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि ब्रॉड पीक उनकी शुरुआती योजना का हिस्सा नहीं था. लेकिन अगर वह इसे भी फतह कर लेते, तो इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर रह जाते. उन्होंने लिखा था, मौके शोर नहीं मचाते, वे चुपचाप मेहनत करने वालों के सामने आते हैं. ब्रॉड पीक, मैं तुमसे सिर्फ सुरक्षित आने-जाने का रास्ता मांगता हूं. मैं किसी भी पहाड़ को हल्के में नहीं लेता.


















