👇
सुरेन्द्र बघेल/रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जनपद पंचायत पुसौर के ग्राम गोर्रा में आज आस्था और स्वच्छता का अनूठा संगम देखने को मिला। गाँव के जागरूक जनप्रतिनिधि और युवाओं ने मिलकर प्राचीन कोतरा पाठ पूजास्थल की वृहद साफ-सफाई की और ग्राम देवता की सेवा कर एक नई मिसाल पेश की।

सामूहिक प्रयास से बदली तस्वीर
वहीं, वर्षों से जिस स्थान पर गंदगी और मलबे का ढेर लगा हुआ था, आज ग्रामीणों की एकजुटता ने उसकी सूरत पूरी तरह बदल दी है। ‘कल’ तक जहाँ झाड़ियाँ और पुराना मलबा बिखरा हुआ था, ‘आज’ वहाँ स्वच्छता और दिव्यता नजर आ रही है। ग्रामीणों ने न केवल परिसर की सफाई की, बल्कि बिखरी हुई लकड़ियों और पत्थरों को व्यवस्थित कर पूरे पूजास्थल को श्रद्धालुओं के बैठने योग्य बनाया।
इनकी रही प्रमुख भूमिका
दरअसल इस पुनीत कार्य में गाँव के पंच और जागरूक युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। स्वच्छता अभियान के दौरान मुख्य रूप से खुशाल पटेल (पंच), मुकेश पटेल, दुर्गेश पटेल, दुर्गा चरण पटेल, ईश्वर पटेल, दुर्गा शंकर पटेल, हितेश पटेल, राकेश साव और योगेश सिदार ने अपना विशेष योगदान दिया। इन सभी ने मिलकर कई घंटों तक श्रमदान किया और परिसर के हर कोने को स्वच्छ बनाया।
आस्था और स्वच्छता का संदेश
फिलहाल, सफाई के उपरांत ग्राम देवता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। अभियान में शामिल युवाओं और पंच खुशाल पटेल ने कहा, “ग्राम देवता का यह स्थान हमारी आस्था का केंद्र है। इसे स्वच्छ रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। आज हमने न केवल सफाई की है, बल्कि संकल्प लिया है कि भविष्य में भी इस पवित्र स्थान की गरिमा और स्वच्छता को बनाए रखेंगे।”


















