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Chhattisgarh News/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना छाल पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। 21 फरवरी को जोबी क्षेत्र की दो नाबालिग बालिकाओं (उम्र 14 एवं 15 वर्ष) के 18 फरवरी से लापता होने की रिपोर्ट थाना छाल में दर्ज कराई गई थी। प्रकरण में अपराध क्रमांक 26/2026 एवं 27/2026 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
वहीं, दो नाबालिक लड़कियों के अचानक लापता होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम गठित कर परिजनों, सहेलियों से पूछताछ एवं सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण किया गया। जांच में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले संदेही सीताराम सारथी के साथ बालिकाओं को अंतिम बार देखे जाने की जानकारी मिली।
दरअसल, संदेही और गुम बालिकाओं की पतासाजी की जा रही थी कि उन्हें घरघोड़ा क्षेत्र के सन स्टील प्लांट, टेंडा नवापारा में देखे जाने की सूचना पर दबिश देकर दोनों नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया गया। बालिकाओं ने बताया कि आरोपी पहले उनके गांव में काम करने आया था और उसने काम दिलाने एवं अच्छे से रखने का विश्वास दिलाकर उन्हें अपने अनूपपुर एमपी साथ ले गया था। प्रकरण में *धारा 18 सहित पॉक्सो एक्ट* की धाराएं जोड़ते हुए आरोपी *सीताराम सारथी (उम्र 35 वर्ष), निवासी पुलिस चौकी जोबी क्षेत्र* को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
फिलहाल, फरवरी माह में दर्ज गुमशुदगी मामलों में 4 बालक एवं 12 नाबालिग बालिकाओं की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, माह में 17 नाबालिकों को पुलिस द्वारा सकुशल दस्तयाब किया जा चुका है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत रायगढ़ पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है।










