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General Knowledge/आप सभी ने घड़ी देखी और पहनी भी है। आपने देखा होगा कि घड़ी की जो सुइयां होती हैं वो दाहिने से बाईं तरफ घूमती हैं। क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि ऐसा क्यों होता है। सुइयां बाईं तरफ क्यों नहीं घूमती हैं?
घड़ी एक ऐसी चीज है, जो न हो तो आज के समय में कई सारे लोगों के कई सारे काम ही रुक जाए या फिर देरी से होने लगे क्योंकि लोगों को समय देखकर काम करने की आदत होती है। इसी वजह से आपको हर किसी के घर में घड़ी देखने को मिलेगी। कई सारे लोग अपने हाथ पर भी घड़ी बांधते हैं क्योंकि उन्हें समय के मुताबिक काम करने की आदत होती है। आपको भी शायद घड़ी पहनने का शौक हो और अगर नहीं है तो भी आपने यह तो नोटिस किया ही होगा कि घड़ी की जो सुइयां होती हैं, वो दाहिने तरफ घूमती हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि ये सुइयां बाईं तरफ घूमने की जगह दाईं तरफ ही क्यों घूमती हैं। कोई बात नहीं, आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं।
दाहिने तरफ ही क्यों घूमती हैं सुइयां
आपको अगर यह समझना है कि घड़ी की सुइयां दाहिने तरफ ही क्यों घूमती हैं तो हमें ग्रीक के जमाने में जाना होगा। दरअसल उसी समय सनडायल यानी धूपघड़ियों का आविष्कार हुआ था। उस समय ग्रीक लोग उत्तरी हेमिस्फ़ेयर में रहते थे, जहां सूरज आसमान में पूरब से पश्चिम की ओर, दक्षिण से गुजरते हुए जाता है। इसी वजह से सनडायल पर परछाई बाएं से दाएं की तरफ जाती थी और एक फिक्स्ड रॉड से पड़ने वाली परछाई की वजह से उन्होंने पाया कि समय बीतते हुए देखना मुमकिन है। सनडायल की परछाई रॉड के चारों ओर उसी दिशा में घूमती है जिस दिशा में आज घड़ी की सुइयां घूमती हैं।
आपको बता दें कि जब 12वीं और 15वीं सदी के बीच पहली घड़ियां बनाई गई, तो शायद आदत की वजह से और ग्रीक लोगों की खोजों को फ़ॉलो करने के लिए यह दिशा चुनी गई थी।
Disclaimer:
इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स पर आधारित है और janjantaksandesh.com इनकी पुष्टि नहीं करता है।










