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Chhattisgarh Rajya Sabha Election: छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. राज्य में राज्यसभा की 2 सीटें खाली हो रही हैं और ये दोनों ही कांग्रेस की जीती हुई सीटें हैं. कांग्रेस नेता केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम का राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है. अब मौजूदा परिस्थितियों में कांग्रेस के साथ सबसे बड़ी दिकक्त यही है कि वह राज्य से एक ही राज्यसभा सीट जीत सकती है, क्योंकि दो सीट जीतने के लिए उसके पास पर्याप्त विधायक नहीं हैं.
दोनों पार्टियां जीत सकती हैं एक-एक सीट
छत्तीसगढ़ विधानसभा में साल 2023 में भारतीय जनता पार्टी भारी भरकम बहुमत के साथ सत्ता में वापस आई थी. तब बीजेपी ने कुल 54 सीटें जीती थीं. वहीं कांग्रेस के हिस्से में सिर्फ 35 सीटें ही आई थीं. जबकि एक सीट गोंडवाना प्रजातंत्र पार्टी ने ही जीती थी. अब एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 31 विधायक की जरूरत है. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस आराम से एक-एक सीट जीत सकती है.
बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा को बनाया उम्मीदवार
बीजेपी ने तो राज्यसभा चुनाव के लिए लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाकर मातृशक्ति को साधने की कोशिश की है. अब सबसे बड़ा सवाल जो सिर उठाए खड़ा है वह यह है कि कांग्रेस राज्यसभा के लिए किस पर दांव लगाएगी, जो बीजेपी की काट ढूंढ सके.
1. फूलो देवी नेताम
फूलो देवी नेताम कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं और आदिवासियों की आवाज उठाने के लिए जानी जाती हैं. वह छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य भी रह चुकी हैं. उन्हें बस्तर क्षेत्र में काम करने का अपार अनुभव मौजूद है. कई मीडिया रिपोर्ट में इस बात का दावा भी किया जा रहा है कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ से बस्तर के ही किसी स्थानीय नेता को ऊपरी सदन में भेज सकती है और इसमें फूलो देवी नेताम का नाम पहले नंबर पर है. अभी उनका राज्यसभा से कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है.
2. धनेंद्र साहू
बीजेपी ने छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा के रूप में ओबीसी चेहरे पर दांव लगाया है. वहीं अगर कांग्रेस भी ऐसा करने की सोच रही है, तो वह धनेंद्र साहू (साहू समाज के बड़े चेहरे) को राज्यसभा उम्मीदवार बना सकती है. वह प्रदेश के कद्दावर कांग्रेस नेता हैं और उनके पास संगठनात्मक कौशल भी मौजूद है. वह साल 2008 से लेकर 2011 तक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं. इसके अलावा वह पांच बार विधायक भी रह चुके हैं. साल 2023 में उन्हें अभानपुर से हार का मुंह देखना पड़ा था.
3. अमितेश शुक्ल
अमितेश शुक्ल को राजनीति उन्हें विरासत में मिली है. उनके पिता श्यामा चरण शुक्ला और दादा रविशंकर शुक्ला दोनों ही अविभाजित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वह साल 2023 में भले ही विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, लेकिन ग्रामीण अंचल में उनकी पकड़ मजबूत है और उनकी विरासत को देखते हुए कांग्रेस उन्हें राज्यसभा से उम्मीदवार बना सकती है.
4. टीएस सिंहदेव
टीएस सिंहदेव को सरगुजा का महाराज कहा जाता है. वह भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने में बहुत ही सक्रिय कांग्रेसी नेता रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस को 2018 में राज्य में बहुमत दिलाने में अहम भूमिका अदा की थी. इसके बाद वह राज्य में भूपेश बघेल की सरकार में भी उपमुख्यमंत्री भी रहे. उनका व्यवहार बहुत ही सौम्य है और वह मिलनसार व्यक्ति माने जाते हैं. वह साल 2023 में बहुत ही मामूली अंतर से विधानसभा चुनाव हारे थे.
Lakshmi Verma: छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं और अभी ये दोनों सीटें कांग्रेस के पास हैं, लेकिन चुनाव के बाद एक सीट कांग्रेस और एक सीट बीजेपी के जीतने की संभावना है. अब आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है. वह लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय हैं और उनकी महिलाओं में मजबूत पकड़ है.

लक्ष्मी वर्मा ने कही ये बात
भाजपा राज्यसभा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा ने सोशल मीडिया से खास बातचीत में कहा कि पार्टी ने जो भरोसा जताया है. वह उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी. जनता का प्यार और समर्थन हमेशा रहा है. जनता के मुद्दों को उच्च सदन में ले जाना है. भाजपा कार्यालय में लक्ष्मी वर्मा का जोरदार तरीके से स्वागत हुआ. इसके अलावा ढोल नगाड़ों के साथ कार्यकर्ताओं ने जश्न भी मनाया और पटाखे भी फोड़े. वह भाजपा कार्यालय डिप्टी सीएम अरुण साव, मंत्री केदार कश्यप के साथ पहुंची.
मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर कसा तंज
लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा ने महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है. लक्ष्मी वर्मा जमीन से जुड़ी नेता हैं. पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है. इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस को लेकर कहा कि उनकी प्राथमिकता में जनता नहीं है. बाहरी और चुनिंदा लोगों को ही मौका मिलता है. सवाल ये भी है कि अब तक कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतार भी नहीं पाई है.
Lakshmi Verma Rajya Sabha Candidate BJP Chhattisgarh: आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ से दो सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ में दो सीटें खाली हो रही है, जिनमें से एक सीट बीजेपी आराम से जीत सकती है. अब इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है.

छत्तीसगढ़ में महिला आयोग की सदस्य है लक्ष्मी वर्मा
लक्ष्मी वर्मा छत्तीसगढ़ में महिला आयोग की सदस्य हैं. इसके अलावा वह बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं. उनकी महिला वर्ग में मजबूत पकड़ है और वह राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रही हैं. इसके अलावा वह रायपुर जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और भाजपा मीडिया प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं.
बीजेपी ने मातृशक्ति को साधने की है कोशिश
लक्ष्मी वर्मा कुर्मी समाज से आती हैं. वह संगठन में लंबे समय से अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाती आ रही हैं. उनके अनुभव को देखते हुए बीजेपी ने उन पर दांव लगाया है. बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा की टिकट देकर मातृशक्ति को साधने की कोशिश की है. इसके अलावा राज्य के सामाजिक-जातीय समीकरणों को संतुलित करने का एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है.
बीजेपी और कांग्रेस आराम से जीत सकती है एक-एक सीट
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा के सांसदों की जो 2 सीटें खाली हैं. वह दोनों कांग्रेस के सांसद हैं और इनमें फूलो देवी नेताम और केटीएस तुलसी शामिल हैं. अभी तक कांग्रेस ने राज्य से राज्यसभा के लिए अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है. छत्तीसगढ़ विधानसभा में बीजेपी के पास कुल 54 विधायक हैं. वहीं कांग्रेस के पास 35 विधायक मौजूद हैं. जबकि एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का है. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस आराम से एक सीट जीत सकते हैं.
राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम
नोटिफिकेशन जारी: 26 फरवरी 2026
नामांकन की आखिरी तारीख: 5 मार्च 2026
नामांकन की जांच (Scrutiny): 6 मार्च 2026
नाम वापसी की अंतिम तारीख: 9 मार्च 2026
मतदान (Polling): 16 मार्च 2026 (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
मतगणना (Counting): 16 मार्च 2026, शाम 5 बजे
चुनाव पूरा करने की अंतिम तारीख: 20 मार्च 2026










