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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले गांधी चौक स्थित श्री दुर्गा शक्ति पीठ में दोपहर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सरगुजा संभाग के सभी संघ प्रमुखों और परियोजना पदाधिकारियों ने एक मंच पर एकजुट होकर सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
वहीं बैठक में जशपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी और कोरिया जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी संघों व संगठनों के पदाधिकारी तथा प्रतिनिधिमंडल बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने मिलकर संभाग स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को एक मंच और एक बैनर के तहत संगठित करने का ऐतिहासिक और सराहनीय निर्णय लिया।

दरअसल, छत्तीसगढ़ में वर्तमान समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं के कई अलग-अलग संगठन सक्रिय हैं, जो समय-समय पर अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। लेकिन अब तक उनकी मांगों पर सरकार द्वारा अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाए जाने से असंतोष बना हुआ है। इसी कारण सरगुजा संभाग के सभी संगठनों और संघों ने आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर आगे की रणनीति बनाने का फैसला किया।
हालांकि, बैठक का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद जशपुर जिले की कार्यकर्ताओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
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बता दें, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती कविता यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि यदि सभी एक मंच और एक बैनर के नीचे आ जाएं तो उनकी जीत निश्चित है। उन्होंने कहा कि कई बार छोटे-छोटे मुद्दों पर अधिकारियों द्वारा दबाव और प्रताड़ना बनाई जाती है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी समस्या पर परियोजना अधिकारी से लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी और शासन-प्रशासन से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।
ज्ञात हो कि, पुष्पा श्रेजल ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी संगठन अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ते हैं तो पदाधिकारियों पर दबाव बनाया जाता है, लेकिन सभी को एकजुट रहकर निडरता के साथ अपने हक और अधिकार के लिए आगे बढ़ना होगा। उन्होंने विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही गुणवत्ताविहीन साड़ियों पर भी नाराजगी जताई और इसके उठाव का विरोध करने की बात कही।

वहीं, बैठक में यह भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं सेवानिवृत्त हो रही हैं, लेकिन उन्हें न तो पेंशन मिलती है और न ही किसी प्रकार की आर्थिक सुरक्षा। इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए सेवानिवृत्त होने वाली कार्यकर्ताओं के लिए पेंशन व्यवस्था की मांग सरकार के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया। साथ ही उनके सम्मान में विशेष सम्मान समारोह आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा गया।
दरअसल, सरगुजा की श्रीमती भुनेश्वरी सिंह ने कहा कि आपसी मतभेदों को भुलाकर सभी संगठनों का एक मंच पर आना बेहद सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि एकजुटता के बल पर ही सरकार से अपनी मांगों को मनवाया जा सकता है और आगे की लड़ाई भी इसी एकता के आधार पर लड़ी जाएगी। उन्होंने सभी से नियमितिकरण की मांग को प्रमुख मुद्दा बनाने की अपील की।

फिलहाल, सुचिता मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सभी संगठन एक साथ आकर सकारात्मक निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक बैठक में शामिल होने वाले सभी प्रतिनिधि बधाई के पात्र हैं।

21 सूत्रीय एजेंडा पर हुई चर्चा
बैठक में 21 सूत्रीय एजेंडा पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें संभाग स्तर पर सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को एक मंच पर लाना, गुटबाजी समाप्त कर एकजुटता के साथ कार्य करना, हड़ताल-धरना जैसे आंदोलनों में सामूहिक भागीदारी, मासिक वर्चुअल बैठक और छह माह में संयुक्त बैठक आयोजित करना, गतिविधियों की समीक्षा, जिला-संभाग स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाना, मीडिया से समन्वय बढ़ाना, मुख्यमंत्री व मंत्रियों से मुलाकात की रणनीति बनाना, न्यायालय में याचिका दायर करने पर विचार, दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना तथा अन्य राज्यों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं से संपर्क स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।
इसके अलावा संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला कार्यक्रम अधिकारी और परियोजना अधिकारियों के संपर्क नंबर एकत्रित कर समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए व्यवस्था बनाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सेवानिवृत्त होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की जिलावार सूची तैयार की जाएगी तथा उनके अधिकारों और सम्मान को लेकर विशेष पहल की जाएगी।
सरगुजा संभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देने का संकल्प लिया और भविष्य में बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार करने के संकेत दिए।








