Autophagy : धरती के 6 ऐसे अनोखे जीव, जो भूख लगने पर खुद को ही खा जाते हैं..आईए जानें कौन-कौन हैं?

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6 Animals That Eat Their Own Bodies: साइंस जगत में इसे ‘ऑटोफैगी’ कहते हैं, जिसका मतलब होता है- खुद को ही खा जाना. आइए जानते हैं ऐसे ही 6 जीवों के बारे में, जो भूख और तनाव में खुद का ही शरीर खा जाते हैं.

6 Animals That Eat Their Own Bodies: प्रकृति जितनी खूबसूरत है, उतनी ही क्रूर भी. कभी-कभी पेट की भूख और जान का डर जानवरों से वो करवा देता है, जिसके बारे में सोचकर ही रूह कांप जाए. साइंस की ‘दुनिया’ में इसे ऑटोफैगी (Autophagy) कहते हैं, जिसका सीधा मतलब है- खुद को ही खा जाना. आइए जानते हैं ऐसे ही 6 जीवों के बारे में, जो खुद को ही अपना ‘डिनर’ बना लेते हैं.

जब स्ट्रेस बन जाए ‘सुसाइड नोट’

ऑक्टोपस (Octopus): यूं तो यह समंदर का सबसे बुद्धिमान जीव मना जाता है, पर असल में बहुत नाजुक मिजाज होता है. जब यह बहुत तनाव में होता है, तो इसका दिमाग ‘शॉर्ट सर्किट’ हो जाता है, और घबराहट में यह अपनी ही भुजाओं को चबाना शुरू कर देता है. हालांकि, ये अंग दोबारा उग आते हैं.

अंगों का ‘स्मार्ट रीसाइक्लिंग’

समुद्री तारा (Sea Star): यह समुद्री जीव अपनी कटी हुई बाहें दोबारा उगाने के लिए मशहूर है. लेकिन जब इस जीव का कोई अंग चोटिल हो जाता है, तो यह उसे बेकार नहीं जाने देता. अपनी ऊर्जा बचाने के लिए यह उसे स्नैक की तरह खा जाता है, ताकि पोषक तत्व बाहर न जाएं.

अपना ही घर डकार जाते हैं ये!

घोंघा (Snail): घोंघे का कवच कैल्शियम का बैंक होता है. लेकिन जब इन्हें बाहर से यह प्राप्त नहीं होता, तो ये किसी से मदद मांगने के बजाय अपने ही घर यानी खोल को खुरच-खुरच कर खाना शुरू कर देते हैं. खुद को जिंदा रखने के लिए अपनी ही ढाल की बलि देना, इनसे बेहतर कोई नहीं जानता.

जब पिंजरा पागल कर दे

चूहा (Rat): चूहे बेहद भावुक और सामाजिक प्राणी होते हैं. अगर इन्हें छोटी-सी जगह में कैद कर दिया जाए या लंबे समय तक भूखा रखा जाए, तो ये मानसिक संतुलन खो देते हैं, और फिर अपनी ही पूंछ और पंजों को कुतरने लगते हैं. यह भूख से ज्यादा पागलपन और अकेलेपन की दास्तां है.

अंगों की ‘उलटी’ और फिर दावत

समुद्री खीरा (Sea Cucumber): यह समुद्री जीव दुश्मन को चकमा देने के लिए अपने पेट के अंदरूनी अंगों को बाहर निकाल कर फेंक देता है. शिकारी जब तक उन अंगों को चखने में बिजी होता है, समुद्री खीरा वहां से भाग जाता है. चौंकाने वाली बात यह है कि कभी-कभी ये अपने ही बाहर फेंके हुए अंगों को खुद ही खा लेते हैं.

पैर गया तो क्या, नाश्ता तो मिला!

स्टिक कीट (Stick Insect): यह कीड़ा सूखी लकड़ी की माफिक दिखता है. शिकारियों के चंगुल से बचने के लिए यह अक्सर अपना पैर खुद ही शरीर से तोड़कर अलग कर देता है. वहीं, अगर खाना न मिले तो यह नन्हा शिकारी अपने ही गिरे हुए पैर को खाकर पेट भी भर लेता है.

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