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Chhattisgarh News/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का काफिला जब आज प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचा तो वहां मौजूद पदाधिकारी और कार्यकर्ता कुछ समय के लिए आश्चर्य में पड़ गए। इसका कारण था कि मुख्यमंत्री के काफिले में अब तक उपयोग की जा रही टोयोटा फॉर्च्यूनर की जगह नई स्कॉर्पियो वाहन नजर आए। इस बदलाव को देखकर कई लोग उत्सुकता से वाहनों के बारे में जानकारी लेते दिखे।
वहीं जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई फॉर्च्यूनर का उपयोग कर रहे थे। लेकिन अब सुरक्षा और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए इन वाहनों में बदलाव किया गया है। इसके स्थान पर काफिले में नई स्कॉर्पियो को शामिल किया गया है।
वहीं, बताया गया है कि मुख्यमंत्री के काफिले में कुल छह नई स्कॉर्पियो वाहन जोड़ी गई हैं। इनमें से एक बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो में मुख्यमंत्री स्वयं सफर करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इन वाहनों को काफिले का हिस्सा बनाया गया है। इस बदलाव को लेकर भाजपा नेताओं और मीडिया में काफी उत्सुकता देखी गई। कई लोगों ने नए वाहनों के बारे में जानकारी ली और काफिले में हुए परिवर्तन को लेकर चर्चा भी की।
दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि पुराने वाहन अब काफी इस्तेमाल हो चुके थे और उनकी स्थिति भी पहले जैसी नहीं रही थी। उन्होंने कहा कि कई बार वाहन बीच में खराब हो जाते थे, जिससे दिक्कतें आती थीं। इसी कारण अब इन्हें बदलने का निर्णय लिया गया है।
फिलहाल, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह बदलाव पूरी तरह से तकनीकी और उपयोगिता के आधार पर किया गया है, ताकि यात्रा और सुरक्षा दोनों में कोई समस्या न आए। काफिले में नई स्कॉर्पियो शामिल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इसे एक नियमित प्रक्रिया बताया जा रहा है, जिसमें समय-समय पर पुराने वाहनों को हटाकर नए और सुरक्षित वाहनों को शामिल किया जाता है। इस बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है, हालांकि इसे सामान्य प्रशासनिक अपडेट के रूप में देखा जा रहा है।


















