IPL 2026 : कौन हैं प्रिंस यादव? जिन्होंने विराट कोहली को जीरो पर किया बोल्ड? देखें सेलिब्रेशन का Video

🏏

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। जब सामने विराट कोहली हों, तो गेंदबाज के लिए उन तीन स्टंप्स को उखाड़ फेंकना बहुत मुश्किल होता है. विराट की खासियत है कि वो एक बार क्रीज पर पैर जमा लें तो उन्हें आउट करना बहुत मुश्किल हो जाता है. मगर लखनऊ सुपर जायंट्स के प्रिंस यादव ने उन्हें टिकना तो दूर की बात, विराट को खाता तक नहीं खोलने दिया.

ये भी पढ़ें-


प्रिंस यादव अपनी खतरनाक स्पीड के लिए पहचाने जाते हैं. विराट कोहली को जिस गेंद पर उन्होंने आउट किया, वह प्रिंस ने 140.4 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से फेंकी. आखिर ये प्रिंस यादव हैं कौन, जो विराट को चकमा देकर उन्हें क्लीन बोल्ड करने की वजह से चर्चा में आ गए हैं.

प्रिंस यादव का सेलिब्रेशन वायरल
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की पारी के दूसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर प्रिंस यादव ने विराट कोहली को क्लीन बोल्ड किया. विराट कोहली 2 गेंद खेलकर ‘0’ पर आउट हो गए. विराट का विकेट लेने के बाद प्रिंस जोशीले अंदाज में उछलने लगे. उन्होंने आसमान की ओर देखते हुए इस ऐतिहासिक क्षण के लिए भगवान का भी धन्यवाद किया.

देखें वीडियो-


कौन हैं प्रिंस यादव?
प्रिंस यादव अभी महज 24 साल के हैं और उनका जन्म 12 दिसंबर, 2001 को हुआ था. दायें हाथ से गेंदबाजी और दायें हाथ से ही बल्लेबाजी करते हैं. प्रिंस को क्रिकेट जगत में पहली पहचान दिल्ली प्रीमियर लीग ने दिलाई. दिल्ली प्रीमियर लीग के सबसे पहले सीजन (DPL 2024) में प्रिंस टूर्नामेंट में पांचवें सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे. उन्होंने 10 मुकाबलों में 13 विकेट चटकाए थे. प्रिंस यादव नियमित रूप से औसतन 140-145 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं.

ये भी पढ़ें-


उन्होंने साल 2024 में ही दिल्ली के लिए अपना रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया था. वो सिर्फ 2 फर्स्ट-क्लास मैचों का अनुभव प्राप्त कर सके हैं, जिनमें उनके नाम सिर्फ एक विकेट हैं. मगर सफेद गेंद से प्रिंस यादव बहुत प्रभावशाली गेंदबाज साबित हुए हैं. अब तक 14 लिस्ट-ए मैचों में 29 विकेट चटका चुके हैं. वहीं 30 टी20 मैचों में उनके नाम 35 विकेट हैं.

Please Share With Your Friends Also

‘जन-जन तक संदेश’ ( Jan Jan Tak Sandesh) यह छत्तीसगढ़ का एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी न्यूज़ पोर्टल है। हमारा उद्देश्य सिर्फ खबरें पहुँचाना नहीं, बल्कि समाज की आवाज़ बनना है।

Leave a Comment