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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनके शासकीय निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने राज्य में कृषि विकास, आधुनिक कृषि उपकरणों और किसानों के हित में लागू की जाने वाली योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री नेताम ने मुलाकात के दौरान केन्द्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ में मक्का, दलहन और तिलहन फसलों के प्रोत्साहन तथा कृषि विकास की व्यापक योजनाओं की जानकारी दी।
ज्ञात हो कि, उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई नए कार्यक्रम और परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। मक्का फसल प्रोत्साहन केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में मक्का फसल प्रोत्साहन हेतु 6 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत लगभग 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का फसल का प्रदर्शन किया जाएगा। इस योजना से अनुमानित 7 हजार किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। दलहन फसलों के अंतर्गत उड़द और मूंग के लिए केन्द्रीय स्वीकृति में 24 करोड़ 10 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
वहीं, इस फसल प्रदर्शन के तहत 24,100 हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन की फसल उगाई जाएगी। इससे लगभग 28 हजार किसान लाभान्वित होंगे। मंत्री नेताम ने कहा कि इन फसल प्रोत्साहन योजनाओं से न केवल किसानों की आय में सुधार होगा, बल्कि राज्य में कृषि उत्पादन भी बढ़ेगा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।
परंपरागत कृषि विकास योजना
मंत्री नेताम ने केन्द्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 के लिए 27 करोड़ 68 लाख रुपये का प्रस्ताव कृषि मंत्रालय को स्वीकृति हेतु भेजा गया है। उन्होंने इस लंबित स्वीकृति को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया। मंत्री नेताम और केन्द्रीय मंत्री के बीच हुई यह चर्चा राज्य में कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों मंत्रियों ने किसानों के हित में सहयोग और योजना कार्यान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
फिलहाल, इस मुलाकात के बाद राज्य के कृषि क्षेत्र में विशेष रूप से मक्का और दलहन फसलों के विस्तार के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इन योजनाओं से छत्तीसगढ़ में कृषि उत्पादन के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी और किसानों की आय में स्थायी सुधार होगा।










