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Chhattisgarh News/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में सिटी गैस अवसंरचना परियोजना का उद्घाटन करते हुए प्रदेश में स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। इस अवसर पर पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) रसोई गैस पाइपलाइन सुविधा की भी शुरुआत की गई।
वहीं, कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पहली महिला उपभोक्ता पूनम चौबे से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। पूनम ने इस नई सुविधा के लिए आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें गैस सिलेंडर की झंझट से राहत मिलेगी और यह सुविधा काफी सुविधाजनक है। मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह योजना प्रदेश के लोगों के जीवन को आसान बनाएगी।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर, गरियाबंद और बलौदाबाजार जिलों में सिटी गैस अवसंरचना का उद्घाटन किया गया है। सीएम ने कहा, पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास की नई इबारत लिखी है और अब घरेलू, वाहन और उद्योग क्षेत्रों में सीएनजी और पीएनजी गैस का उपयोग बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह ईंधन सस्ता, सुरक्षित और सुलभ है, जिससे गैस सिलेंडर के खर्च में बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। प्रदेश में सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की भी योजना है।
वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा प्रयास है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन एनर्जी विजन को आगे बढ़ाने का प्रयास है। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ लगातार विकास की ओर अग्रसर है और आज एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ी है। उन्होंने तीनों जिलों के लोगों को शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रदेश की पहली महिला लाभार्थी के रूप में पूनम चौबे के घर पीएनजी की पहली पाइपलाइन पहुंची है।
होली से पहले किसानों के खातों में आएगी अंतर की राशि
दरअसल, इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से जुड़े मुद्दे पर भी कहा कि होली से पहले किसानों के खातों में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की जाएगी, ताकि वे त्योहार अच्छे से मना सकें। उन्होंने बताया कि बिलासपुर के बिल्हा में कल बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें वे शामिल होंगे और पूरे प्रदेश में भी कार्यक्रम होंगे।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने विधानसभा की कार्रवाई देख रहे पूर्व नक्सली
फिलहाल, आत्मसमर्पित नक्सलियों के विधानसभा पहुंचने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आते ही प्रभावी पुनर्वास नीति लागू की है। माओवादियों से मुख्यधारा में जुड़ने का आग्रह किया गया है, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने के लिए विधानसभा की कार्रवाई भी देख रहे हैं।










