CG Breaking : ग्रेट अचीवर्स स्कूल ने नहीं कराई सरस्वती पूजा..बजरंग दल ने हिंदू आस्था पर प्रहार कहके SDM से की शिकायत..पढ़ें पूरी ख़बर

.

Chhattisgarh News/मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | देशभर के शिक्षण संस्थानों में आज ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना की जा रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के चिरमिरी से एक विवादित मामला सामने आया है. यहां के एक निजी स्कूल में सरस्वती पूजा न मनाए जाने को लेकर भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद हिंदूवादी संगठन बजरंग सेना ने मोर्चा खोल दिया है.

क्या है पूरा मामला?

हालांकि, मामला नगर निगम चिरमिरी के एकता नगर स्थित ‘ग्रेट अचीवर्स पब्लिक स्कूल’ का है. बजरंग सेना के पदाधिकारियों को सूचना मिली थी कि स्कूल प्रबंधन द्वारा इस वर्ष बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का आयोजन नहीं किया जा रहा है. जब संगठन के सदस्य आपत्ति दर्ज कराने स्कूल पहुंचे, तो वहां मौजूद शिक्षकों और पदाधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई.

छात्रों ने की पुष्टि

ज्ञात हो कि, हंगामे के दौरान स्कूल में मौजूद छात्रों ने भी इस बात की पुष्टि की कि विद्यालय परिसर में सरस्वती पूजा का कोई आयोजन नहीं किया गया है. बजरंग सेना का आरोप है कि जहां हर छोटे-बड़े शिक्षण संस्थान में भारतीय संस्कृति और परंपरा का निर्वहन किया जाता है, वहीं यह स्कूल सीधे तौर पर हिंदू आस्था और परंपराओं पर प्रहार कर रहा है.


एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायत

वहीं, विवाद बढ़ने के बाद बजरंग सेना के पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है. संगठन ने चिरमिरी एसडीएम कार्यालय में एक लिखित आवेदन सौंपकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त आपत्ति दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि शिक्षण संस्थानों में ज्ञान की देवी की उपेक्षा करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं.

दरअसल, बजरंग दल के पदाधिकारी ने कहा कि “यह बेहद दुखद है कि जिस विद्यालय में बच्चों को संस्कार और संस्कृति सिखानी चाहिए, वहां ज्ञान की देवी की पूजा तक नहीं की जा रही. हम इस मामले में उचित दंडात्मक कार्रवाई की मांग करते हैं.”

फिलहाल, इस मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.

Please Share With Your Friends Also

‘जन-जन तक संदेश’ ( Jan Jan Tak Sandesh) यह छत्तीसगढ़ का एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी न्यूज़ पोर्टल है। हमारा उद्देश्य सिर्फ खबरें पहुँचाना नहीं, बल्कि समाज की आवाज़ बनना है।

Leave a Comment