🏏
FIR On Hardik Pandya: टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद जश्न के दौरान तिरंगा ओढ़कर अपनी गर्लफ्रेंड को किस करने के मामले में हार्दिक पांड्या के खिलाफ पुणे में शिकायत दर्ज हुई है. इसमें कितनी सख्त सजा है.
तिरंगे के अपमान में कितनी सजा
FIR On Hardik Pandya: भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक टी20 वर्ल्ड कप जीत के जश्न के बीच स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गए हैं. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खिताब का बचाव करने के बाद जहां पूरा देश खुशियां मना रहा था, वहीं हार्दिक की एक हरकत ने उनके खिलाफ पुणे में एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी है. उन पर राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे के अपमान का गंभीर आरोप लगा है. खेल के मैदान से शुरू हुआ यह मामला अब पुलिस थाने की दहलीज तक पहुंच गया है. आइए जानें कि तिरंगे के अपमान के आरोप में कितनी सख्त सजा है.
हार्दिक पांड्या के खिलाफ पुणे में एफआईआर क्यों?
दरअसल, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को हराकर इतिहास रचने के बाद भारतीय खिलाड़ी मैदान पर तिरंगा ओढ़कर जश्न मना रहे थे. इसी दौरान हार्दिक पांड्या ने भी तिरंगा लपेटा हुआ था और जश्न मनाते हुए उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को किस किया. इस दृश्य के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुणे के शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायतकर्ता का आरोप है कि पांड्या ने राष्ट्रीय ध्वज को एक पोशाक की तरह इस्तेमाल किया और उस स्थिति में ऐसी निजी हरकत की, जिससे तिरंगे की गरिमा को ठेस पहुंची है.
तिरंगे के अपमान पर क्या है नियम?
फिलहाल, भारत में राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ बनाया गया है. हार्दिक पांड्या के मामले में इसी कानून की धारा 2 का जिक्र किया जा रहा है. यह धारा स्पष्ट रूप से कहती है कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर तिरंगे का अनादर करता है, उसे जलाता है, फाड़ता है या उसे किसी ऐसे तरीके से इस्तेमाल करता है जो उसकी गरिमा के खिलाफ हो, तो यह दंडनीय अपराध है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या जश्न के दौरान पांड्या का कृत्य जानबूझकर किया गया था या यह अनजाने में हुई गलती थी.










