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Wi-Fi Radiation Effects: कई लोग रात को सोने से पहले Wi-Fi राउटर बंद कर देते हैं या मोबाइल डेटा ऑफ कर देते हैं. क्योंकि, लोगों का ऐसा मानना है कि इनकी तरंगें नींद और सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं. आइए जानें क्या है इसकी सच्चाई…
Wi-Fi Radiation Effects: आज के समय में हर कोई अपने मोबाइल का डेटा और Wi-Fi ऑन ही रखता है. हालांकि कई लोग ऐसे भी हैं, जो रात को सोने से पहले Wi-Fi राउटर बंद कर देते हैं या मोबाइल डेटा ऑफ कर देते हैं. क्योंकि, लोगों का ऐसा मानना है कि इनकी तरंगें नींद और सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं. इतना ही नहीं, आजकल सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह के दावे भी किए जाते हैं. ऐसे में ये सवाल उठता है कि क्या सच में रात में Wi-Fi और मोबाइल इंटरनेट बंद करना जरूरी है, या यह सिर्फ एक मिथक है? आइए जानते हैं इस बारे में साइंस और एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं, जानें क्या वाकई इससे नींद और स्वास्थ्य पर फर्क पड़ता है…
क्या वाई-फ़ाई ऑन रखने से सेहत पर पड़ता है असर?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीधे तौर पर ऐसा नहीं कहा जा सकता, क्योंकि अब तक वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं हुआ है कि वाई-फाई से दिमाग को सीधा नुकसान होता है. हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह जरूर मानते हैं कि दिमाग इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स यानी ब्रेन इम्पलसेस के जरिए काम करता है, और वाई-फाई जैसे उपकरण इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (EMF) पर आधारित होते हैं. तर्क के आधार पर यह सोचा जा सकता है कि ये तरंगें दिमाग के सिग्नल्स में हल्की दखल दे सकती हैं, लेकिन अभी तक इसके समर्थन में कोई पक्का वैज्ञानिक सबूत या निष्कर्ष नहीं मिला है. इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी रखना गलत भी नहीं है.
क्या होते हैं ब्रेन इम्पलसेस जान लें?
ब्रेन इम्पलसेस दरअसल छोटे-छोटे इलेक्ट्रोकेमिकल सिग्नल होते हैं, जिनकी मदद से हमारे दिमाग की कोशिकाएं (न्यूरॉन्स) एक-दूसरे से बात करती हैं और जानकारी को प्रोसेस करती हैं, इन्हें नर्व इम्पल्स या एक्शन पोटेंशियल भी कहा जाता है. सेंसरी नर्व इन सिग्नल्स को शरीर से दिमाग तक पहुंचाती है. इसी वजह से हम छूना, स्वाद, गंध महसूस कर पाते हैं और देख-सुन पाते हैं.
कुल मिलाकर, अभी तक ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि रात में वाई-फाई ऑन रहने से दिमाग को सीधा नुकसान होता है. हालांकि, बेहतर नींद के लिए डिजिटल डिवाइस कम इस्तेमाल करना जरूर फायदेमंद माना जाता है.
क्या रात में Wi-Fi बंद करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के अनुसार दिन और रात में शरीर की गतिविधियां अलग होती हैं, रात के समय दिमाग “स्लीप वेव्स” में काम करता है और अच्छी नींद बहुत जरूरी होती है. इसलिए कुछ विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रात में Wi-Fi बंद कर देने से दिमाग को पूरा आराम मिल सकता है. हालांकि, इसका कोई पक्का वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि Wi-Fi से सीधा नुकसान होता है. दिन में हम काम करते हैं, इसलिए नींद में दखल की बात नहीं होती. लेकिन सामान्य तर्क यही है कि किसी भी तरह की रेडिएशन का एक्सपोज़र जितना कम हो, उतना बेहतर है.
मोबाइल फोन का क्या?
मोबाइल फोन भी रेडिएशन पैदा करते हैं, लेकिन उनकी मात्रा आम “बैकग्राउंड रेडिएशन” (जो हर जगह मौजूद रहती है) से कम ही मानी जाती है. इसलिए सिर्फ Wi-Fi या मोबाइल से बहुत ज्यादा खतरा बढ़ जाता है, ऐसा साफ तौर पर साबित नहीं हुआ है. घर के कई उपकरण जैसे टीवी, फ्रिज, एसी भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स छोड़ते हैं.
क्या सावधानी रखें?
इसके लिए आप चाहें तो सोने वाले कमरे में राउटर न रखें, या फिर राउटर को बिस्तर से थोड़ी दूरी पर रखें. सोते समय मोबाइल को सिरहाने रखने की बजाय दूर रखें. कुल मिलाकर, घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी रखना समझदारी है.
क्या है इसपर टेक्नोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञों की राय?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी तक इस मामले में कोई साफ और पक्की जानकारी सामने नहीं आई है, इसलिए लोगों में भ्रम बना हुआ है. इस पर और रिसर्च होनी चाहिए, ताकि यह समझा जा सके कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स (EMF) से कितना नुकसान हो सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसी कोई ठोस स्टडी नहीं है जो यह साबित करे कि रात में वाई-फाई बंद करने से ही अच्छी नींद आती है या वाई-फाई ऑन रहने से दिमाग या शरीर के दूसरे सिस्टम पर सीधा असर पड़ता है.
हालांकि, एक्सपर्ट्स ये भी मानते हैं कि किसी भी तरह की रेडियो वेव्स का बहुत ज्यादा और लंबे समय तक एक्सपोज़र भविष्य में असर डाल सकता है. लेकिन यह एक सामान्य सावधानी की बात है, न कि कोई साबित खतरा.
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर और एक्सपर्ट की सलाह लें.










