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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अहम कदम उठाया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बढ़ते हमलों और उसके बाद क्षेत्र में बढ़े तनाव को देखते हुए भारत ने नई दिल्ली में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया है, ताकि खाड़ी देशों में मौजूद भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता दी जा सके।
वहीं, विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को बताया कि यह कंट्रोल रूम सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करेगा। भारतीय नागरिक किसी भी आपात स्थिति में टोल-फ्री नंबर 1800118797 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा लैंडलाइन नंबर 91-11-23012113, 91-11-23014104 और 91-11-23017905 भी उपलब्ध कराए गए हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
दरअसल, हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को निशाना बनाया।
वहीं, ईरान की ओर से किए गए जवाबी हमलों के दौरान कुवैत, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के ऊपर मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिशें हुईं, जिन्हें कई जगहों पर इंटरसेप्ट कर लिया गया। इन घटनाओं के चलते कुछ समय के लिए कई देशों का एयरस्पेस भी बंद करना पड़ा। इन हमलों में सेना के साथ-साथ आम नागरिकों को भी नुकसान होने की खबरें सामने आई हैं।
दशकों में सबसे गंभीर टकराव
दरअसल, इस बढ़ते टकराव के बीच अमेरिकी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी नेवी ने कई सैन्य ऑपरेशन शुरू किए हैं, जिससे वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और गहरा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पिछले कई दशकों में दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर और लगातार चलने वाला टकराव बनता जा रहा है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर सरकार की नजर
फिलहाल, इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में 28 फरवरी को ईरान में हुए एयर स्ट्राइक और उसके बाद मिडिल ईस्ट में तेजी से बढ़े तनाव की स्थिति की समीक्षा की गई।
सरकारी बयान के अनुसार, बैठक में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।










