Motivation Tips : बहुत सुंदर बातें, किसी को 2 बार से ज़्यादा कॉल न करें, और..

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Motivational-Speech-in-Hindi ; बेहतर व्यक्तित्व और समाज में सम्मान पाने के लिए अच्छे संस्कार (Good Manners) का होना बहुत जरूरी है। अक्सर हम अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी में उन छोटी-छोटी बातों को भूल जाते हैं जो हमें एक सभ्य इंसान बनाती हैं।

संस्कार केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह हमारे बातचीत करने के तरीके और दूसरों के प्रति हमारे व्यवहार को दर्शाते हैं। यदि आप चाहते हैं कि लोग आपकी इज्जत करें, तो आपको Social Etiquettes यानी सामाजिक शिष्टाचार का पालन करना सीखना होगा।

आज के डिजिटल दौर में फोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल बढ़ गया है, इसलिए वहां भी अच्छे संस्कार दिखाना अनिवार्य हो गया है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे जीवन मंत्र जो हर किसी को एक बार जरूर सुनने और अपनाने चाहिए।


अच्छे संस्कार और सामाजिक शिष्टाचार (Good Manners and Social Etiquettes)

अच्छे संस्कार वह नींव हैं जिस पर एक सफल चरित्र की इमारत खड़ी होती है। यह हमें सिखाते हैं कि समाज में दूसरों के साथ कैसा बर्ताव करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

नीचे अच्छे संस्कारों और शिष्टाचार के मुख्य पहलुओं का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:


शिष्टाचार के महत्वपूर्ण नियम और जीवन मंत्र

हमारे बुजुर्ग हमेशा कहते आए हैं कि इंसान अपनी दौलत से नहीं बल्कि अपने संस्कारों (Values) से पहचाना जाता है। यहाँ कुछ बुनियादी नियम दिए गए हैं जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए:

कॉल करने की मर्यादा: यदि आप किसी को कॉल कर रहे हैं और वह नहीं उठा रहा, तो अधिकतम 2 बार ही कॉल करें। हो सकता है वह व्यक्ति किसी जरूरी काम में व्यस्त हो या किसी परेशानी में हो।

बिन मांगी सलाह से बचें: जब तक आपसे कोई राय न मांगी जाए, तब तक किसी को भी फोकट का ज्ञान न दें। यह आपके व्यक्तित्व को गंभीर बनाता है।

चैट और मैसेजिंग: किसी को भी फोन या चैट पर बार-बार मैसेज भेजकर तंग न करें। अगर जवाब नहीं आ रहा, तो धैर्य रखें।

पैसे का लेनदेन: यदि आपने किसी से पैसे उधार लिए हैं, तो उसके मांगने से पहले ही उसे लौटा दें। यह आपकी ईमानदारी (Honesty) और साख को बढ़ाता है।

दूसरों की निजता (Privacy): किसी के घर जाने पर बिना इजाजत बेडरूम में न घुसें और न ही किसी का मोबाइल फोन चेक करें।

सार्वजनिक व्यवहार: पब्लिक प्लेस पर जोर-से चिल्लाकर बात न करें और न ही किसी की शारीरिक बनावट या गरीबी का मजाक उड़ाएं।

सराहना करना सीखें: यदि कोई आपके लिए कुछ छोटा सा काम भी करता है, तो उसे ‘धन्यवाद’ कहना न भूलें।

सफलता के लिए अच्छे संस्कारों का महत्व

जीवन में केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं होता, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) और अनुशासन ही हमें आगे ले जाते हैं। जो व्यक्ति अनुशासित रहता है और दूसरों का सम्मान करता है, उसे हर जगह सफलता मिलती है।

सुबह जल्दी उठना, अपने काम को समय पर पूरा करना और दूसरों की मदद के लिए तैयार रहना भी अच्छे संस्कारों का हिस्सा है। जब आप सभ्य तरीके से बात करते हैं, तो सामने वाला आपकी बातों को ध्यान से सुनता है और आपका प्रभाव बढ़ता है।

“शिष्टाचार वह सुगंध है जो आपके बिना बोले ही आपकी पहचान चारों ओर फैला देती है।”


हमें अपने बच्चों को भी बचपन से ही इन बातों को सिखाना चाहिए ताकि वे भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें। याद रखें, आपके संस्कार ही आपके परिवार और परवरिश का आइना होते हैं।

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