👇
नई दिल्ली। अफगानिस्तान ने दावा किया है कि पाकिस्तान ने काबुल में एक अस्पताल पर एयरस्ट्राइक की है. इस हमले में 400 लोगों की मौत हो गई और 250 अधिक घायल हो गए. वहीं, पाकिस्तान ने इस हमले से इनकार किया है.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान ने राजधानी काबुल के एक अस्पताल को एयरस्ट्राइक में निशाना बनाया है. इसमें 400 लोगों की जान चली गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया गया है.
हालांकि, अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान ने बताया कि काबुल में नशा मुक्ति केंद्र के तौर पर इस्तेमाल हो रहे एक अस्पताल पर हमला किया गया. इस हमले में कई मासूमों की जान चली गई.
किसी भी नागरिक स्थल को निशाना नहीं बनाया गया
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ़ ज़ैदी ने अफगानिस्तान के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज कर दिया. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने भी साफ किया कि हमले बेहद सटीक थे और केवल मिलिट्री ठिकानों और आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया था, किसी भी ऐसे जगह को टारगेट नहीं किया गया जहां आम लोग रह रहे थे.
ज्ञात हो कि, दोनों देशों के बीच यह तनाव सीमा पर भी बढ़ता जा रहा है. अफगान अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में सीमा के पास हुई गोलाबारी में चार लोग मारे गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं. वहीं पाकिस्तान यह आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में मौजूद अलग-अलग उग्रवादी संगठन उसके देश में हमले करते हैं. दूसरी ओर, तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती आई है.
वहीं इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है ताकि इलाके में स्टेबिलिटी बनी रहे. फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच हमले तेज हुए है और यह झड़पें अब तीसरे हफ्ते में एंट्री कर चुकी है.
दरअसल अब्दुल्ला अब्दुल्ला, जो पूर्व अफगान सरकार में राष्ट्रीय सुलह उच्च परिषद के प्रमुख रह चुके हैं, ने कल रात काबुल के एक नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तान की सरकार द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है.
काबुल हमले पर अफगान क्रिकेटरों का गुस्सा
फिलहाल, अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम के खिलाड़ी मोहम्मद नबी ने पाकिस्तान की ओर से काबुल पर हुए हमलों को लेकर चिंता व्यक्त की है. नबी ने बमबारी के शिकार हुए लोगों के बारे में लिखते हुए कहा, “माएं अपने बेटों के नाम पुकारती थीं, उनका इंतजार करती रहीं. रमजान की 28वीं रात को उनकी ज़िंदगियां अधूरी रह गईं.”










