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Chhattisgarh News/रायगढ़। टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पूर्ण उपचार के लिए नियमित दवा सेवन के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक है। यह बात आज जिला चिकित्सालय रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कही। कार्यक्रम में टीबी उपचाररत मरीजों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 30 मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए गए।
बता दें, वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी एक लंबी अवधि तक चलने वाली बीमारी है, जिसमें मरीज को धैर्य और अनुशासन के साथ इलाज पूरा करना होता है। नियमित दवाइयों का सेवन और समय-समय पर जांच ही इस बीमारी से पूरी तरह छुटकारा दिला सकती है। उन्होंने कहा कि पोषण की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे उपचार में बाधा आती है। ऐसे में पौष्टिक आहार टीबी मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में अहम भूमिका निभाता है।
ज्ञात हो कि, उन्होंने उच्च जोखिम समूह के मरीजों से अपील की कि वे दवाइयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और चिकित्सकों द्वारा बताए गए उपचार का पूरी निष्ठा से पालन करें। साथ ही उन्होंने मितानिनों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जिले में संदेहास्पद अथवा टीबी से ग्रसित मरीजों की पहचान करने तथा उन्हें शीघ्र जांच एवं उपचार से जोड़ने के निर्देश दिए।
वहीं, वित्त मंत्री ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय में उपचाररत मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए गए, जिनमें पौष्टिक खाद्य सामग्री शामिल थी। मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल के लिए शासन और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के पोषण संबल से मरीजों का उपचार के प्रति भरोसा बढ़ता है और वे दवा नियमित रूप से लेने के लिए प्रेरित होते हैं।
दरअसल, इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि नगर प्रशासन भी स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर टीबी मुक्त रायगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि जिले में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को गंभीरता से लागू किया जा रहा है और हर जरूरतमंद मरीज तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल, कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त ब्रजेश सिंह क्षत्रिय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रंजना पैंकरा, सिविल सर्जन डॉ. दिनेश कुमार पटेल, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. जय कुमारी चौधरी सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने टीबी उन्मूलन के लिए विभागीय प्रयासों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के अंत में मरीजों को नियमित दवा सेवन, पौष्टिक भोजन और समय पर जांच के महत्व की जानकारी दी गई तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।










