T20 वर्ल्डकप : क्या भारत-साउथ अफ्रीका लगातार दूसरा फाइनल खेलेंगे..सिर्फ पाकिस्तान-श्रीलंका ही ऐसा कर पाए..2024 में अफ्रीका को हराकर इंडिया चैंपियन बनी थी

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स्पोर्ट्स डेस्क ; टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 2007 में हुई थी। तब से अब तक केवल दो टीमों ने लगातार दो एडिशन के फाइनल में जगह बनाई है। पाकिस्तान ने 2007 और 2009 में लगातार फाइनल खेला, जबकि श्रीलंका 2012 और 2014 में बैक-टू-बैक खिताबी मुकाबले तक पहुंचा।

अब 2026 के एडिशन में भारत और साउथ अफ्रीका के पास यही उपलब्धि दोहराने का मौका है। खास बात यह है कि 2024 में दोनों टीमें फाइनल में आमने-सामने थीं, जहां भारत ने जीत हासिल की थी।

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल 4 और 5 मार्च को खेले जाएंगे। पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका की भिड़ंत न्यूजीलैंड से होगी, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से है।




भारत दो बार की चैंपियन

भारत टी-20 वर्ल्ड कप में दो बार खिताब जीत चुका है। 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर पहला एडिशन अपने नाम किया था। इसके बाद 2009, 2010 और 2012 में टीम सुपर-8 तक ही पहुंच सकी।

2014 में भारत फाइनल तक पहुंचा, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सका। 2016 और 2022 में सेमीफाइनल तक का सफर रहा, जबकि 2021 में टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। 2024 में भारत ने दमदार वापसी की और साउथ अफ्रीका को हराकर दूसरी बार चैंपियन बना।


भारत ने 7 में से 6 मुकाबले जीते

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने लीग स्टेज और सुपर-8 मिलाकर सात मैच खेले हैं, जिनमें से छह जीते। ग्रुप स्टेज में अमेरिका, नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड को हराया।

सुपर-8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका से हार मिली, लेकिन उसके बाद जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को मात देकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया। अगर 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ जीत मिलती है, तो भारत लगातार दूसरा फाइनल खेलने वाली तीसरी टीम बन जाएगा।

साउथ अफ्रीका पहली ट्रॉफी की तलाश में

साउथ अफ्रीका का टी-20 वर्ल्ड कप सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम 2007 में सुपर-8 और 2009 में सेमीफाइनल तक पहुंची। लेकिन 2010 और 2012 में फिर सुपर-8 तक ही जा पाई। 2014 में एक बार फिर टीम को सेमीफाइनल में हार मिली।

2016, 2021 और 2022 में टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई, जो उसके लिए निराशाजनक दौर था। आखिरकार 2024 में उसने पहली बार फाइनल में जगह बनाई, हालांकि खिताबी मुकाबले में टीम को भारत ने हरा दिया।

साउथ अफ्रीका अब तक अजेय

इस एडिशन में साउथ अफ्रीका ने अब तक सातों मैच जीते हैं। ग्रुप स्टेज में कनाडा, अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड और यूएई को हराया। सुपर-8 में भारत, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे पर जीत दर्ज कर टेबल टॉपर बनी। अगर 4 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत मिलती है, तो टीम लगातार दूसरे फाइनल में पहुंचेगी, जो उसके इतिहास में पहली बार होगा।

पाकिस्तान ने पहले दोनों एडिशन के फाइनल में जगह बनाई

पहला टी-20 वर्ल्ड कप में 2007 में साउथ अफ्रीका में खेला गया। पहले ही एडीशन में पाकिस्तान फाइनल में पहुंची, जहां उसका मुकाबला भारत से हुआ। जोहान्सबर्ग में खेले उस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 17 रनों से हराकर ट्रॉफी उठाई थी।

2009 का वर्ल्ड कप इंग्लैंड में खेला गया। इस बार फाइनल में पाकिस्तान के साथ श्रीलंका थी। लॉर्ड्स ग्राउंड पर खेले इस मुकाबले में पाकिस्तान ने श्रीलंका को 8 विकेट हराया और पहला टाइटल जीता।

श्रीलंका 2012 में हारी, 2014 में चैंपियन बनी

श्रीलंका में खेले गए 2012 टी-20 वर्ल्ड कप में मेजबान टीम फाइनल में पहुंची थी। कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 36 रनों से हरा दिया था।

2014 वर्ल्ड कप में लगातार दूसरी बार श्रीलंका फाइनल में पहुंची। इस बार फाइनल में उसकी टक्कर भारत हुई। यह वर्ल्ड कप बांग्लादेश में हो रहा था और फाइनल ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेला गया। इस मुकाबले में श्रीलंका ने भारत को 6 विकेट से हराकर खिताब जीता।

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच टी-20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेला जाएगा। 5 मार्च को शाम 7 बजे से मुकाबला शुरू होगा। भारत ने इस मैदान पर 71% टी-20 जीते हैं, लेकिन सेमीफाइनल में टीम का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा। टीम इंडिया ने यहां मल्टिनेशन टूर्नामेंट के 4 सेमीफाइनल खेले और महज 1 जीता।

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