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28 May History: 28 मई का दिन अंतरिक्ष में बंदरों की सैर से जुड़ा है. दरअसल, 28 मई 1959 को नासा ने मिस बेकर और मिस एबल नाम के दो बंदरों को अंतरिक्ष में भेजा था और दोनों सुरक्षित वापस लौटे थे. ये नासा की बड़ी सफलता थी. इस घटना के बाद मिस एबल की सर्जरी के दौरान मौत हो गई थी. अंतरिक्ष में यात्रा के दौरान इन बंदरों का स्वास्थ्य खराब हो गया था. पृथ्वी से 500 किलोमीटर ऊपर जीरो ग्रेविटी में यात्रा करके फिर से धरती पर आने वाले बंदर थे.
इस परीक्षण से नासा को अपनी रिसर्च के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां मिली. दूसरी बंदर मिस एबल इस प्रयोग के बाद स्वस्थ रही और अपनी 27 साल की औसत आयु पूर्ण कर 1984 तक जीवित थी. इसके बाद गए बंदर सैम पर जीरो ग्रेविटी का प्रयोग नहीं हुआ. और उसे जीवित रखने के लिए एक कैप्सूल बनाया गया. कुत्ते, बंदर और चिम्पाजियों पर प्रयोग करके मानव 1961 में पहली बार अंतरिक्ष में गया. अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम व्यक्ति सोवियत संघ के यूरी गागरिन थे.
2008: नेपाल में 240 साल से चली आ रही राजशाही का अंत
आज 28 मई के दिन नेपाल में 240 सालों से चली आ रही राजशाही का अंत हुआ था. लेकिन ये इतना आसान नहीं था. वहां की जनता ने करीब दस साल तक इसके लिए लड़ाई लड़ी. दस साल तक चले गृहयुद्ध के बाद देश में शाह राजवंश के हाथों से देश की सत्ता ले ली गई. इसके बाद से माओवादी देश की राजनीति की मुख्यधारा में शामिल हो गए. 28 मई 2008 को नेपाल के वामपंथी दल को चुनाव में जीत मिली. तब तत्कालीन नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र को अपदस्थ कर देश को गणतंत्र घोषित कर दिया गया.
इतिहास में अब बात करते हैं देश के जाने-माने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में. 1996 के चुनाव परिणामों के बाद 16 मई 1996 को अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के 11वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. लेकिन एक मत के चलते बीजेपी बहुमत साबित नहीं कर पाई और 28 मई 1996 को अटल बिहारी वाजपेयी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
1996: अटल बिहारी वाजपेयी को देना पड़ा था PM पद से इस्तीफा
अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले लोकसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाषण दिया था. वो भाषण अभी भी लोगों के जेहन में है और काफी याद किया जाता है. तब वाजपेयी ने सभी राजनीतिक दलों के नुमाइंदों को भविष्य के लिए राजनीति का धर्म और मर्म का पाठ पढ़ातेहुए कहा था, ‘सत्ता का खेल तो चलेगा, सरकारें आएंगी-जाएंगी, पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेंगी मगर ये देश रहना चाहिए. इस देश का लोकतंत्र अमर रहना चाहिए.’ उन्होंने कहा था, ‘देश में ध्रुवीकरण नहीं होना चाहिए. न सांप्रदायिक आधार पर, न जातीय आधार पर और न ही राजनीति ऐसे दो खेमों में बंटनी चाहिए कि जिनमें संवाद न हो, जिनमें चर्चा न हो.
28 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं-
1883 – हिंदुत्ववादी नेता और कवि विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 1883 में आज ही के दिन हुआ था.
1908 – जासूसी उपन्यास जेम्स बॉन्ड के लेखक इयान फ्लेमिंग का जन्म आज ही के दिन हुआ था।.
1959 – आज ही के दिन दो अमरीकी बंदरों ने अंतरिक्ष की सफल यात्रा की.
1967 – 65 साल के ब्रितानी नाविक सर फ्रांसिस चिटचेस्टर आज ही के दिन अकेले नाव में दुनिया का चक्कर लगा कर घर पहुंचे.
1996 – रूस चेचेन्या को अधिकतम स्वायत्तता देने पर सहमत.
1998 – बलूचिस्तान की चगाई पहाड़ियों पर पाकिस्तान ने पाँच परमाणु परीक्षण किये, परमाणु परीक्षण के विरोध में सं.रा. अमेरिका ने पाकिस्तान के विरुद्ध आर्थिक प्रतिबंध लगाया.
1999 – बेंजामिन नेतान्याहू का संसद से इस्तीफ़ा, तुर्की में नयी गठबंधन सरकार का गठन.
2000 – भारत के राष्ट्रपति के. आर. नारायणन चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए छह दिनों की राजकीय यात्रा पर पेइचिंग पहुंचे.
2002 – नेपाल में फिर आपातकाल लगा.
2008 – राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कार्यरत पाँच न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया। विमान सेवा जेट एयरवेज को ‘मध्य एशिया सर्वश्रेष्ठ चरगो एयर लाइन्स’ का पुरस्कार मिला। नेपाल में 240 साल पुरानी राजशाही का अवसान हुआ। अमेरिका ने पाकिस्तान परस्त आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चार नेताओं पर वित्तीय प्रतिबन्ध लगाया.
28 मई को जन्मे व्यक्ति
1923 – एन. टी. रामाराव – प्रसिद्ध अभिनेता एवं तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक थे.
1883 – वीर सावरकर – भाषाविद, बुद्धिवादी, कवि, अप्रतिम क्रांतिकारी, दार्शनिक और ओजस्वी वक़्ता.
1921 – डी. वी. पलुस्कर – प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक.
28 मई को हुए निधन
2005 – गोपाल प्रसाद व्यास – भारत के प्रसिद्ध कवियों, लेखकों और साहित्यकारों में से एक.
1954 – विजय सिंह पथिक – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी.
1964 – महबूब ख़ान – भारतीय सिनेमा इतिहास के अग्रणी निर्माता-निर्देशक थे.


















