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Chhattisgarh News/रायपुर। देश भर में कई बड़े एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है, लेकिन रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर अपने आप में बेहद खास है। लगभग 465 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़ के बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे क्षेत्रों से गुजरते हुए ओडिशा के नवरंगपुर व कोरापुट जिलों को जोड़ेगा और आंध्र प्रदेश के माध्यम से सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट (बंदरगाह) तक पहुंचेगा।
बता दें कि यह परियोजना केवल यात्रा का समय कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि मध्य भारत के समुद्र से दूर स्थित इलाकों को सीधे अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग से जोड़ने की एक दूरगामी पहल है।
दूरी में 132 किमी की कमी, समय आधा रह जाएगा
फिलहाल, वर्तमान में रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच की दूरी लगभग 597 किलोमीटर है, जिसे तय करने में करीब 13 से 14 घंटे का समय लग जाता है। नए 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के तैयार हो जाने से यह दूरी घटकर मात्र 465 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे यात्रा का समय भी कम होकर 5 से 6 घंटे होने की उम्मीद है।
वहीं करीब 16,482 करोड़ से 20,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का निर्माण ‘हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल’ (HAM) के तहत 19 से अधिक पैकेजों में किया जा रहा है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


















