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Chhattisgarh Crime News/जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में महिला सुरक्षा और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक मिसाल पेश की है। जिले की सिटी कोतवाली पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी प्रदीप ताम्रकार (20 वर्ष), निवासी भाटापारा नैला को रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रदीप ताम्रकार ने एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया। आरोपी ने लड़की को डराया-धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता के परिजनों ने तुरंत थाना जांजगीर में शिकायत दर्ज कराई, जिससे पुलिस को त्वरित कार्रवाई का अवसर मिला।
वहीं, संवेदनशीलता और पीड़िता की नाबालिग अवस्था को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कश्यप और CSP सुश्री योगिता बाली खापर्डे के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी। हालांकि, आरोपी पहले ही घर से फरार हो चुका था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे नैला क्षेत्र से धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने अपने कृत्य को स्वीकार किया। इस मामले में आरोपी प्रदीप ताम्रकार के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए।
निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया: भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 64(2)(m) और 351(3) POCSO एक्ट: धारा 4 एवं 6 अभियान के दौरान
दरअसल, इंस्पेक्टर जयप्रकाश गुप्ता (थाना प्रभारी), सहायक उप निरीक्षक अरुण सिंह, प्रधान आरक्षक भीम सेन राठौर और आरक्षक शंकर राजपूत का विशेष योगदान रहा। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि जांजगीर-चांपा पुलिस महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में महिला और नाबालिग सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी नाबालिग या महिला के साथ इस प्रकार की घटना हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। POCSO एक्ट और BNS की धाराओं के तहत त्वरित गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि पुलिस नाबालिगों के संरक्षण और महिला सुरक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। जिला प्रशासन और पुलिस का यह प्रयास जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ में महिला और बाल सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।










