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Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर बताया कि डबल इंजन सरकार के दो वर्षों के सुशासन का असर अब जनता तक सीधे महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक जो अत्याधुनिक और अति-जटिल हृदय सर्जरी केवल मेट्रो शहरों के महंगे निजी अस्पतालों तक सीमित थी, वही आज रायपुर जिले के शासकीय पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में सफलतापूर्वक संभव हो गई है।
ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री ने यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता में सुधार और आधुनिक तकनीक एवं बेहतर संसाधनों के इस्तेमाल के परिणाम के रूप में सराहा। उन्होंने कहा कि अब गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आम नागरिकों को बड़े शहरों या निजी अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता नहीं है। यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में सुशासन और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफलता का श्रेय उच्च तकनीकी उपकरणों, प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ और सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ रही चिकित्सा सुविधाओं को दिया जा सकता है। सर्जरी में उपयोग की गई अत्याधुनिक तकनीक और निगरानी प्रणाली ने सुनिश्चित किया कि जटिल हृदय मामलों का इलाज सुरक्षित और प्रभावी ढंग से हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक सर्जरी की सफलता नहीं है, बल्कि यह सरकारी चिकित्सा संस्थानों पर जनता का भरोसा बढ़ाने का प्रतीक है। उनका कहना है कि हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुँचाना सुशासन की सच्ची पहचान है।
दरअसल, मेकाहारा अस्पताल और पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में इस सफलता के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी कहा कि भविष्य में और अधिक जटिल और आधुनिक चिकित्सा प्रक्रियाओं को लागू करने की योजना बनाई जा रही है। इससे राज्य के आम नागरिकों को समय और पैसे की बचत होगी और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ नजदीकी सरकारी संस्थानों में मिलेंगी। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल डबल इंजन सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और नागरिक कल्याण योजनाओं का हिस्सा है।
फिलहाल, राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, प्रशिक्षित डॉक्टर और विशेषज्ञ टीम की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इस उपलब्धि से राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उम्मीदें और विश्वास पैदा हुआ है। आम नागरिक अब सरकारी अस्पतालों पर भरोसा कर सकते हैं और महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं रहेगी।










