
.
General Knowledge; आप अगर लैपटॉप या फिर कंप्यूटर चलाते हैं तो देखा होगा कि की-बोर्ड पर जो बटन होते हैं उसमें अल्फाबेट सीधे क्यों नहीं होते हैं। Q के बाद W और उसके बाद E और ऐसे ही सारे अल्फाबेट उल्टे-सीधे ही होते हैं। कभी इसके बारे में सोचा है कि ऐसा क्यों होता है।
आज के इस समय में कंप्यूटर और लैपटॉप ऐसे गैजेट हैं जिसका यूज बहुत ही कॉमन हो गया है। हर किसी के घर में आपको कोई न कोई लैपटॉप या फिर कंप्यूटर देखने को मिल जाएगा और जिन लोगों के पास ये नहीं है, उनके घर में आपको स्मार्ट फोन तो दिख ही जाएगा। अब अगर आपने गौर किया हो तो कंप्यूटर और लैपटॉप के की-बोर्ड और फोन में भी दिए गए की-बोर्ड पर अल्फाबेट एक क्रम में नहीं होते हैं। वहां ABCD के क्रम में अल्फाबेट क्यों नहीं लिखे होते हैं। क्या आपने कभी यह सोचा है। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं।
की-बोर्ड पर बटन उल्टे-सीधे क्यों होते हैं?
आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप के की-बोर्ड पर नजर डालेंगे तो देखेंगे कि पहला अल्फाबेट Q है तो आखिरी अल्फाबेट M है। वहीं बीच में कहीं A तो B उससे काफी दूर है। क्या आपने कभी सोचा कि ऐसा क्यों होता है? की-बोर्ड पर अल्फाबेट क्रम में भी तो हो सकते थे मगर ऐसा नहीं है। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं। आपको बता दें कि टाइपिंग के समय मशीन जाम न हो इसलिए अल्फाबेट को एक दूसरे से दूर रखा जाता है।
पहले एक क्रम में ही हुआ करते थे अल्फाबेट
आपको बता दें कि जब टाइपराइटर का आविष्कार हुआ तो तब अल्फाबेट एक क्रम में हुआ करते थे मगर तेज टाइपिंग के कारण ज्यादा इस्तेमाल होने वाले अल्फाबेट के हैंडल आपस में टकराते थे और मशीन जाम हो जाते थे। इसके बाद इन अल्फाबेट्स को दूर-दूर किया गया और ये काम क्रिस्टोफर लैथम शोल्स ने किया। यह लेआउट काफी फेमस हो गया और इसे ‘Qwerty’ कहा जाने लगा। आप गौर करेंगे तो देखेंगे कि की-बोर्ड पर पहले 6 अक्षर ‘Qwerty’ ही है। अब इसे इस कारण नहीं बदला जा रहा है क्योंकि लोग इसके आदी हो चुके हैं और लोगों को टाइपिंग में आसानी होती है।
Disclaimers:
इस आर्टिकल में आपको दी गई पूरी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स के आधार पर है और janjantaksandesh.com ऊपर दी गई जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।










