
सेहत
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ज्यादातर लोगों का मानना होता है कि नहाने से शरीर पूरी तरह साफ हो जाता है। लेकिन डर्मेटोलॉजिस्ट कुछ और ही बताते हैं। दरअसल, रोजाना नहाते समय हम शरीर के कुछ हिस्सों (Dirtiest Parts of the Body) को साफ करना भूल जाते हैं या अच्छी तरह साफ नहीं करते, जिनके कारण इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है।
इन बॉडी पार्ट्स पर सबसे ज्यादा बैक्टीरिया और गंदगी जमा होती है। इसलिए जब इनकी ठीक तरीके से सफाई नही होती, ये न केवल दुर्गंध का कारण बनते हैं, बल्कि इन्फेक्शन की भी वजह बनते हैं। आइए जानते हैं शरीर के उन 6 सबसे गंदे हिस्सों के बारे में जिन्हें डर्मेटोलॉजिस्ट खास तौर पर साफ रखने (Dermatologist’s Bathing Tips) की सलाह देते हैं
कान के पीछे का हिस्सा
अक्सर हम चेहरा और बाल तो धो लेते हैं, लेकिन कानों के पीछे के हिस्से को भूल जाते हैं। यहां सेबेशियस ग्लैंड्स होती हैं जो सीबम रिलीज करती हैं। जब यह तेल पसीने और धूल के साथ मिलता है, तो एक चिपचिपी परत बन जाती है जिसमें से अजीब गंध आने लगती है। इसे रोज साबुन और पानी से साफ करना बेहद जरूरी है।
बगल और गर्दन
बगल में पसीने के ग्लैंड्स एक्टिव होते हैं, जिससे यहां बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। वहीं गर्दन की सिलवटों में तेल और गंदगी जमा हो जाती है। अगर इन्हें ठीक से स्क्रब न किया जाए, तो त्वचा काली पड़ने लगती है और शरीर से दुर्गंध आने लगती है।
नाभि
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, नाभि शरीर का सबसे गर्म और नमी वाला हिस्सा है। इसकी बनावट ऐसी होती है कि यहां बैक्टीरिया बहुत आसानी से पनप सकते हैं। अगर इसे नियमित रूप से साफ न किया जाए, तो यहां से बदबू आने लगती है और गंभीर इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
नाखूनों के नीचे
हमारे हाथ दिन भर में सैकड़ों चीजों के संपर्क में आते हैं। नाखूनों के नीचे छिपे कीटाणु खाना खाते समय सीधे हमारे पेट में जा सकते हैं। केवल हाथ धोना काफी नहीं है, नाखूनों के नीचे जमी गंदगी को साबुन से साफ करना हाइजीन बनाए रखने के लिए जरूरी है।
पैरों की उंगलियों के बीच
नहाते समय हम पैरों पर पानी तो डालते हैं, लेकिन उंगलियों के बीच रगड़कर सफाई कम ही करते हैं। उंगलियों के बीच का हिस्सा नमी और पसीने के कारण एथलीट फुट या फंगल इन्फेक्शन का संटेर बन सकता है। नहाने के बाद इस हिस्से को सुखाना उतना ही जरूरी है जितना कि इसे धोना।
सफाई का सही तरीका क्या है?
माइल्ड सोप का इस्तेमाल– बहुत हार्श साबुन की जगह माइल्ड सोप का इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा की प्राकृतिक नमी न खोए।
वॉशक्लॉथ का इस्तेमाल– शरीर के छिपे हुए हिस्सों को रगड़ने के लिए एक साफ सूती कपड़े या वॉशक्लॉथ का इस्तेमाल करें।
अच्छी तरह सुखाएं– नमी ही बैक्टीरिया और फंगस की जननी है। नहाने के बाद तौलिए से इन सभी हिस्सों को अच्छी तरह पोंछकर सुखाएं।
नियमितता– यह सफाई कभी-कभार नहीं, बल्कि आपकी रोज की आदत होनी चाहिए।


















