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Chhattisgarh News/रायपुर। बरसात खत्म होने के बाद प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण के काम रफ्तार पकड़ेंगे। राज्य शासन ने 672 करोड़ 22 लाख रुपये के 24 कार्यों की निविदाओं को मंजूरी दे दी है। इनमें नई सड़कें और पुल बनाने के साथ मौजूदा मार्गों के उन्नयन, चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, विद्युतीकरण और सौंदर्यीकरण के काम शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों को ठेकेदारों को जल्द कार्यादेश जारी कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों का ब्योरा
ज्ञात हो कि मंजूर कार्यों में सात नई सड़कें, दो पुल एवं पहुंच मार्ग, तीन सड़क उन्नयन और 12 चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कार्य शामिल हैं। बिलासपुर में अरपा नदी पर लोधीपारा-कोनी मार्ग में उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के लिए 17.63 करोड़ और चोरहादेवरी-परसदा मार्ग में खारून नदी पर पुल के लिए 7.68 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में आठ किमी फोरलेन परिक्रमा पथ के लिए 46.22 करोड़ रुपये की निविदा स्वीकृत हुई है।
दुर्ग में अंजोरा-रसमड़ा मार्ग पर 5.28 किमी फोरलेन सड़क के लिए 28.02 करोड़, धमतरी में 3.50 किमी गौरव पथ के लिए 19.26 करोड़ और बिलासपुर में झाल-नगपुरा मार्ग के 17.61 किमी हिस्से के लिए 29.91 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
रायगढ़ में दो प्रमुख मार्गों के फोरलेन चौड़ीकरण और विद्युतीकरण पर करीब 107 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, कांकेर-भानुप्रतापपुर-संबलपुर मार्ग के 36.80 किमी हिस्से के चौड़ीकरण-मजबूतीकरण के लिए 85.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अधोसंरचना विकास पर सरकार का जोर
दरअसल प्रदेश में मजबूत सड़क एवं पुल अधोसंरचना का निर्माण राज्य सरकार की विकास प्राथमिकताओं में शामिल है। बेहतर सड़कें गांवों और शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच को सुगम बनाती हैं। परियोजनाओं के पूरा होने से आवागमन बेहतर होगा और व्यापार, पर्यटन समेत स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
फिलहाल राज्य सरकार सड़क और पुल अधोसंरचना के विस्तार के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम कर रही है। 24 महत्वपूर्ण कार्यों की निविदाओं को मंजूरी दी गई है। बरसात के बाद सभी कार्यों को तत्काल गति दी जाएगी। निर्माण की नियमित निगरानी और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। – अरुण साव, मंत्री, लोक निर्माण विभाग


















