AI की आंधी में डूबे $500 बिलियन.! एक ही दिन में धड़ाम हुआ Google, जानिए अल्फाबेट के शेयरों में क्यों आई रिकॉर्ड गिरावट!

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Google Alphabet shares crash : AI पर बढ़ते भारी खर्च और कमजोर तिमाही नतीजों के चलते Google की पैरेंट कंपनी Alphabet के शेयरों में 13% की भारी गिरावट आई है, जिससे एक ही दिन में $500 बिलियन डूब गए.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में भाग रही दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक, गूगल (Google) की पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. पर अचानक एक बहुत बड़ा वित्तीय संकट आ गया है. कंपनी के शेयरों में ऐसी भीषण गिरावट दर्ज की गई (Google Alphabet shares crash), जिसे देखकर टेक वर्ल्ड के होश उड़ गए हैं.

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, AI पर अंधाधुंध खर्च और सर्च रेवेन्यू में सुस्ती के चलते अमेरिकी बाजार में अल्फाबेट के शेयर एक ही झटके में 13% से ज्यादा टूट गए. इस रिकॉर्ड गिरावट की वजह से कंपनी का मार्केट कैप एक ही दिन में $500 बिलियन (लगभग ₹41 लाख करोड़) कम हो गया.

आइए समझते हैं कि आखिर गूगल के साम्राज्य में ऐसा कौन सा भूचाल आया है और सुंदर पिचाई की कंपनी के सामने क्या नए खतरे खड़े हो गए हैं.

यूट्यूब की कमाई भी घटी

अल्फाबेट ने कैलेंडर ईयर की तीसरी तिमाही (Q3) के जो वित्तीय आंकड़े जारी किए हैं, वे निवेशकों को डराने के लिए काफी हैं:

रेवेन्यू में सुस्ती: तीसरी तिमाही के दौरान पार्टनर्स पेआउट के बाद कुल सेल्स $111.2 बिलियन रही, जबकि विश्लेषकों (Experts) का अनुमान इससे कहीं ज्यादा का था. कंपनी का कुल रेवेन्यू $96.30 बिलियन रहा, जो $98.4 बिलियन के अनुमान से कम साबित हुआ.

यूट्यूब की कमाई भी घटी: वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब के विज्ञापनों से मिलने वाला रेवेन्यू $11.2 बिलियन रहा, जो उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत निकला.

ग्रोथ रेट सबसे कम: पिछली 5 तिमाहियों के मुकाबले इस बार कंपनी की ग्रोथ रेट सबसे निचली स्तर पर दर्ज की गई है.

AI बना गूगल का सबसे बड़ा काल?

सालों तक गूगल के अधिकारी यह दावा करते आए थे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैटबॉट्स उनके मुख्य सर्च इंजन बिजनेस को कोई नुकसान नहीं पहुँचाएंगे. लेकिन OpenAI (ChatGPT), Anthropic और माइक्रोसॉफ्ट के बढ़ते दबदबे ने इन दावों की हवा निकाल दी है.

निवेशकों में डर: निवेशकों को अब यह डर सताने लगा है कि लोग ट्रेडिशनल गूगल सर्च की बजाय AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे गूगल के मुख्य विज्ञापन (Advertising) बिजनेस पर सीधा असर पड़ रहा है.

ट्रेंड एक्सपर्ट्स की चेतावनी: बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह तिमाही गूगल के लिए ‘आंखें खोलने वाली’ (Eye-opener) है. अगर गूगल ने जल्द ही AI से कमाई (Monetization) का ठोस तरीका नहीं निकाला, तो वह सर्च मार्केट की अपनी बादशाहत गंवा बैठेगा.

सुंदर पिचाई का बड़ा दांव: 1 ट्रिलियन डॉलर का खर्च!

एक तरफ जहां मुख्य बिजनेस से कमाई धीमी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने के लिए गूगल का खर्च रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रहा है.

फिलहाल अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई के मुताबिक, आने वाले समय में नए डेटा सेंटर्स, कंप्यूटिंग पावर और सर्वर्स के लिए कंपनी को $1 ट्रिलियन (1 लाख करोड़ डॉलर) से अधिक का भारी-भरकम निवेश करना पड़ सकता है. यही वजह है कि भारी-भरकम खर्च और घटते मुनाफे के इस प्रेशर ने शेयर बाजार में भूचाल ला दिया है.

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