प्रशासनिक, शैक्षणिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर.! छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारी बीकेएस रे के निधन से

👇

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक दुनिया के वरिष्ठ और सम्मानित चेहरों में शामिल रहे रिटायर्ड आईएएस अधिकारी बीकेएस रे (Retired IAS BKS RAY) का निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका उपचार रायपुर एम्स में चल रहा था। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर है।


वहीं, बी.के.एस. रे छत्तीसगढ़ के उन चुनिंदा वरिष्ठ नौकरशाहों में शामिल थे जिन्होंने राज्य गठन के शुरुआती वर्षों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1972 बैच के अधिकारी थे और अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव, स्पष्ट सोच तथा सुशासन संबंधी दृष्टिकोण के लिए जाने जाते थे।

ज्ञात हो कि, अपने प्रशासनिक जीवन में उन्होंने गृह, परिवहन और विमानन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में वे प्रशासन अकादमी के महानिदेशक तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल और व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अध्यक्ष भी रहे। शासन और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों तथा नीतिगत प्रक्रियाओं में उनकी सक्रिय भूमिका रही।

वहीं, बी.के.एस. रे को एक अध्ययनशील अधिकारी के रूप में भी जाना जाता था। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। प्रशासन, शिक्षा, सुशासन और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों पर उनके लेख और व्याख्यान लगातार चर्चा में रहते थे। उनके बारे में उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उन्होंने कई पुस्तकों का लेखन भी किया और विभिन्न विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखते रहे।


दरअसल, प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि रे उन अधिकारियों में थे जिन्होंने शासन व्यवस्था को केवल सरकारी कामकाज तक सीमित नहीं रखा, बल्कि संस्थागत विकास और प्रशासनिक क्षमता निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया। प्रशासन अकादमी में उनकी भूमिका को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है।

फिलहाल, उनके निधन पर पूर्व और वर्तमान नौकरशाहों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों तथा सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। लोगों ने उन्हें एक सुलझे हुए प्रशासक, विद्वान अधिकारी और संस्थान निर्माता के रूप में याद किया।

Please Share With Your Friends Also

‘जन-जन तक संदेश’ ( Jan Jan Tak Sandesh) यह छत्तीसगढ़ का एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी न्यूज़ पोर्टल है। हमारा उद्देश्य सिर्फ खबरें पहुँचाना नहीं, बल्कि समाज की आवाज़ बनना है।

Leave a Comment