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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड की पकाही पंचायत स्थित बाघी हरनारायण गांव में सोमवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब आसमान से लाल रोशनी जलाता हुआ गुब्बारे जैसा एक यंत्र जमीन पर आ गिरा.
बता दें कि, अचानक हुई इस घटना को देखकर ग्रामीण घबरा गए और कई लोग डर के कारण इधर-उधर भागने लगे. कुछ लोगों को लगा कि कोई रहस्यमयी या खतरनाक वस्तु गांव में गिर गई है.
तरह-तरह की चर्चाएं शुरू
हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए. जमीन पर गिरे यंत्र को देखने के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. हालांकि बाद में जांच और जानकारी मिलने पर पता चला कि यह कोई खतरनाक वस्तु नहीं, बल्कि मौसम से जुड़ा एक वैज्ञानिक उपकरण है.
डिवाइस पर लिखी जानकारी
जानकारी के अनुसार यह उपकरण हवा की गति, तापमान, आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) और वायुमंडलीय दबाव जैसे मौसम संबंधी आंकड़ों को मापने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. डिवाइस पर लिखी जानकारी से पता चला कि इसका निर्माण दक्षिण कोरिया की कंपनी वेदेक्स कंपनी लिमिटेड द्वारा किया गया है.
मौसम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां
वहीं, राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बड़े मौसम गुब्बारे के साथ आसमान में छोड़ा जाता है. यह उपकरण ऊंचाई पर पहुंचकर मौसम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र करता है और उन्हें संबंधित केंद्र तक भेजता है.
ऊंचाई पर पहुंचने के बाद फटता है गुब्बारा
दरअसल डॉ. ए. सत्तार के मुताबिक, वायुमंडल में काफी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद मौसम गुब्बारा फट जाता है. इसके बाद उपकरण धागे या छोटे पैराशूट की मदद से धीरे-धीरे नीचे जमीन पर उतरता है. इसी प्रक्रिया के तहत यह यंत्र बाघी हरनारायण गांव में आकर गिरा.
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
फिलहाल, ग्रामीणों ने जब डिवाइस पर लिखी चेतावनियां और जानकारी पढ़ीं तथा विशेषज्ञों से इसकी पुष्टि हुई, तब लोगों की चिंता दूर हुई. इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. कई लोग इस वैज्ञानिक उपकरण को नजदीक से देखने के लिए मौके पर पहुंचते रहे.


















