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Chhattisgarh News/सारंगढ़-बिलाईगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए पशुधन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में हाल ही में करीब 5 हजार मुर्गियों की मौत के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और संक्रमण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, उप संचालक पशुधन डॉ. महेंद्र पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले की सीमाओं पर संदिग्ध मुर्गा-मुर्गियों के परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए नाकाबंदी की गई है। टिमरलगा, कनकबीरा, डोंगरीपाली और सलिहा जैसे बॉर्डर क्षेत्रों में पशु चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार जांच कर रहे हैं।
बॉर्डर पर कड़ी निगरानी
वहीं, पशुधन विभाग की टीम संदिग्ध पोल्ट्री वाहनों की जांच कर रही है। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तत्काल नजदीकी थाना और संबंधित विभाग को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य बीमारी को जिले में फैलने से पहले ही रोकना है। विशेषज्ञों के अनुसार बर्ड फ्लू एक गंभीर और संक्रामक बीमारी है, जो पक्षियों से इंसानों में भी फैल सकती है। यही कारण है कि प्रशासन इसे लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। वन पक्षियों या ब्रायलर मुर्गियों की अचानक मौत होने पर तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
दरअसल, डॉ. पाण्डेय ने आम नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सलाह दी हैं। उन्होंने कहा कि मरे हुए या बीमार पक्षियों का सेवन बिल्कुल न करें। पोल्ट्री फार्म के पास रहने से बचें और संक्रमित क्षेत्र से दूरी बनाए रखें, क्योंकि हवा के माध्यम से भी संक्रमण फैल सकता है। पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। साथ ही लोगों को फिलहाल चिकन खाने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
सुरक्षित सेवन के निर्देश
फिलहाल, विशेषज्ञों ने बताया कि यदि चिकन का सेवन करना ही हो, तो उसे कम से कम 60 डिग्री तापमान पर अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। इससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। पशुधन विभाग के अनुसार बर्ड फ्लू एक लाइलाज बीमारी है, जो समय-समय पर अपना स्वरूप बदलती रहती है। ऐसे में इससे बचाव का सबसे बड़ा उपाय सावधानी और जागरूकता ही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत सूचना दें और अफवाहों से बचें। जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है और हालात पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।


















