आदत पे मजबूर.! मोबाइल की लत बनी ‘मौत’, रील देखते-देखते नेटवर्क हुआ गायब तो महिला ने फोन तोड़ा और गुस्से में गंवाई जान..पढ़ें पूरी ख़बर

🇮🇳

Chhattisgarh News/कोरबा। करतला थाना क्षेत्र के ग्राम केराकछार में सोशल मीडिया रील देखने की आदत से जुड़ी एक घटना ने परिवार को झकझोर दिया। 52 वर्षीय मंगलो बाई सारथी पांच सितंबर की दोपहर घर में मोबाइल पर रील देख रही थीं। इसी दौरान मोबाइल का नेटवर्क बार-बार गायब होने लगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर होने से वीडियो बार-बार रुक रहा था। इससे मंगलो बाई काफी नाराज हो गईं।

नेटवर्क जाने से बढ़ा गुस्सा

हालांकि, नेटवर्क की परेशानी से परेशान होकर मंगलो बाई ने मोबाइल जमीन पर पटक दिया। मोबाइल क्षतिग्रस्त होने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ। कुछ देर बाद घर में ऐसी स्थिति बनी कि उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

वहीं, दर्द से परेशान मंगलो बाई की हालत देखकर परिवार के लोगों को घटना की जानकारी हुई। उनकी 17 वर्षीय बेटी ने मां की स्थिति देखी और परिवार के अन्य सदस्यों को बताया। इसके बाद स्वजन उन्हें तत्काल करतला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज रेफर

ज्ञात हो कि, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए उपचार किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

वहीं, मंगलो बाई के परिवार में पति प्रेमलाल सारथी और तीन बच्चे हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा 24 वर्ष का है और उसकी शादी हो चुकी है। वह कोरबा में रहता है। करतला स्थित घर में मंगलो बाई के साथ पति प्रेमलाल, 22 वर्षीय पुत्र और 17 वर्षीय पुत्री रहती थी।

पुलिस ने की वैधानिक कार्रवाई

दरअसल घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले में वैधानिक कार्रवाई की। कार्रवाई पूरी करने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया। बार-बार मोबाइल चेक करना, जरूरी काम छोड़कर वीडियो देखते रहना और नेटवर्क की समस्या पर असामान्य रूप से नाराज होना चिंता के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में परिवार मोबाइल इस्तेमाल का समय तय करने, बातचीत बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक सलाह लेने पर ध्यान दे सकता है।

रील देखने की आदत पर भी उठे सवाल

फिलहाल, यह घटना सोशल मीडिया पर लगातार रील और शॉर्ट वीडियो देखने की बढ़ती आदत को लेकर भी सवाल खड़े करती है। रील देखना आज मनोरंजन का आसान जरिया बन गया है, लेकिन जब मोबाइल या इंटरनेट नहीं मिलने पर व्यक्ति जरूरत से ज्यादा बेचैन या गुस्से में आने लगे तो परिवार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

Please Share With Your Friends Also

‘जन-जन तक संदेश’ ( Jan Jan Tak Sandesh) यह छत्तीसगढ़ का एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी न्यूज़ पोर्टल है। हमारा उद्देश्य सिर्फ खबरें पहुँचाना नहीं, बल्कि समाज की आवाज़ बनना है।

Leave a Comment