👇
Chhattisgarh News/रायगढ़। अस्पताल के वार्ड में गूंजती एक महिला की चीखें और पास खड़ी नर्स उसे संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन उसका दर्द किसी के बस में नहीं था। उसने अपनी 9 महीने की दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया। ससुर भी वेंटिलेटर पर हैं।
दरअसल, रायगढ़ मंगल कार्बन प्लांट हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। महिला ने महज तीन महीने पहले अपनी 3 साल की बेटी को भी खो दिया था। अब हादसे में अपनी दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया।
फिलहाल, गरीबी और पेट पालने की मजबूरी में मां-बाप प्लांट में मजदूरी करते थे और छोटी बच्चियों को साथ लेकर जाते थे। हादसे के दिन भी 9 महीने की भूमि को पास में लेटाकर मां उदासिनी खड़िया और पिता शिव खड़िया काम कर रहे थे। हादसा होने के बाद छोटी बच्ची भी चपेट में आ गई। मंगलवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया ही थी कि देर रात पिता ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि 19 साल के युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।










