बारिश के बीच गंगरेल बांध का बढ़ा जलस्तर.! महानदी में 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया..किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने किया अलर्ट जारी..पढ़ें पूरी ख़बर

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Chhattisgarh News/धमतरी। गंगरेल बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। जलस्तर बढ़ने के बीच बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। 11 सितंबर की रात 10 बजे की स्थिति में गंगरेल से कुल 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने की जानकारी थी। इसमें एनआरबी से एमएमसी की ओर 5 हजार क्यूसेक और महानदी की ओर 25 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था। पानी की आवक बढ़ने पर निकासी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।



96.66 प्रतिशत भर चुका है गंगरेल

ज्ञात हो कि, रात 10 बजे गंगरेल बांध का जलस्तर 348.43 मीटर दर्ज किया गया। इस दौरान बांध में 35,058 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, जबकि कुल 16,725 क्यूसेक पानी की निकासी दर्ज की गई। बांध अपनी कुल जलभराव क्षमता के मुकाबले 96.66 प्रतिशत भर चुका था।


वहीं, रात 8 बजे की स्थिति में मुरूमसिल्ली जलाशय 100 प्रतिशत, गंगरेल 96.17 प्रतिशत, दुधावा 91.80 प्रतिशत और सोढ़ुर जलाशय 72.82 प्रतिशत भरा हुआ था। इस दौरान गंगरेल में 23,214, मुरूमसिल्ली में 6,000, दुधावा में 3,225 और सोढ़ुर में 2,189 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज हुई।

महानदी किनारे गांवों में अलर्ट

दरअसल, बांधों में बढ़ते जलस्तर और आगामी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने की अपील की गई है। साथ ही अनावश्यक रूप से नदी-नाले पार नहीं करने और जरूरत पड़ने पर चिन्हांकित ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।


लगातार रखी जा रही निगरानी

फिलहाल, प्रशासन बांधों के जलस्तर, पानी की आवक और निकासी पर लगातार नजर बनाए हुए है। संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य बढ़ते जलप्रवाह की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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