GK: सावन में ही क्यों निकलते हैं ज्यादा सांप, क्या नाग पंचमी से है कनेक्शन? आइए जानें

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Snakes: सावन में सांप और नागपंचमी का खास महत्व है. इस महीने में सांप अधिक नजर आते हैं, लेकिन सवाल है कि क्या सांप और सावन के बीच कोई कनेक्शन हैं या फिर इसके पीछे कोई विज्ञान है? आइए, आसान भाषा में समझते हैं.

सावन और सांप का पुराना कनेक्शन है, लेकिन सवाल है कि क्या वाकई में इसी महीने सबसे ज्यादा सांप निकलते हैं और इसका कनेक्शन नागपंचमी से है? सावन का महीना शुरू होते ही इस मौसम में सांप ज्यादा नजर आने लगते हैं. खेतों से लेकर शहरी इलाकों तक, सोशल मीडिया पर सांप के वीडियो और तस्वीरें अचानक बढ़ जाती हैं. सावन में मनाया जाने वाला नाग पंचमी का त्योहार नाग देवता और भगवान शिव को समर्पित है. जानिए सांप सावन में क्यों अधिक निकलते है और इसमें पीछे धार्मिक मान्यता है या विज्ञान?



सांप ज्यादातर समय जमीन के अंदर बने बिलों, दरारों या घास-फूस के बीच छिपकर रहते हैं. सावन के महीने में आमतौर पर तेज बारिश होती है, जिससे जमीन के अंदर बिल पानी से भर जाते हैं. ऐसे में सांप बिल से बाहर निकलने को मजबूर हो जाते हैं. यही वजह है कि बारिश के दौरान और बारिश के तुरंत बाद सांप खेतों, सड़कों और घरों के आसपास ज्यादा नजर आते हैं. यानी इसके पीछे सावन नहीं मौसम में होने वाले बदलाव का असर है, जो बारिश के रूप में दिखता है.

सांप ठंडे खून वाले (कोल्ड ब्लडेड) जीव होते हैं, यानी उनके शरीर का तापमान बाहरी वातावरण के हिसाब से बदलता रहता है. गर्मी के मौसम में तापमान बहुत ज्यादा होने पर सांप ज्यादातर समय छिपकर बिताते हैं, क्योंकि उन्हें डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है. लेकिन बरसात के मौसम में तापमान अपेक्षाकृत ठंडा और नमी ज्यादा हो जाती है, जो सांपों की गतिविधि के लिए अनुकूल माहौल बनाती है. यही कारण है कि सावन के दौरान सांप ज्यादा सक्रिय नजर आते हैं.

भोजन की तलाश भी एक वजह

मानसून के मौसम में मेंढक, चूहे, कीड़े-मकोड़े जैसे छोटे जीवों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है, क्योंकि बारिश का पानी इनके प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाता है. सांपों का मुख्य भोजन यही छोटे जीव होते हैं. जहां भोजन ज्यादा उपलब्ध होता है, वहां सांप भी उसी दिशा में सक्रिय होकर निकलते हैं. इस तरह बारिश के मौसम में भोजन की उपलब्धता भी सांपों के बाहर आने की एक बड़ी वजह बनती है.

प्रजनन का सीजन भी है एक कारण

कई जानकारों के मुताबिक मानसून का समय सांपों की कुछ प्रजातियों के लिए प्रजनन काल भी माना जाता है. इस दौरान सांप साथी की तलाश में ज्यादा घूमते हैं, जिससे भी उनके दिखने की घटनाएं बढ़ जाती हैं.



सावन में सांप को दूध पिलाने की परंपरा है.

सावन के महीने में जब सांपों का बाहर निकलना स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है, तभी नाग पंचमी का त्योहार भी मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा करके उन्हें दूध अर्पित करने की परंपरा है. मान्यता है कि इस पूजा से परिवार को सर्पदंश के भय से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. एक वजह यह भी है जो सांपों के बाहर निकलने के भ्रम को मजबूती देता है.


सांप दिखने पर पकड़ने की जगह रेस्क्यू टीम से सम्पर्क करें.

वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट के मुताबिक, सावन में सांपों का बाहर निकलना पूरी तरह प्राकृतिक और मौसमी व्यवहार है, जिसका सीधा संबंध बारिश, नमी और भोजन से है. धार्मिक आस्था अपनी जगह है, लेकिन इस मौसम में सांप से जुड़ी सावधानियां बरतना भी उतना ही जरूरी है जैसे घर के आसपास साफ-सफाई रखना, बिलों और दरारों को बंद रखना, और सांप दिखने पर उसे खुद पकड़ने की कोशिश करने के बजाय वन विभाग या स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचित करना.

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