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Chhattisgarh News/रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहज अंदाज देखने को मिला। सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के पसरे पर मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे और ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए वहीं से दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने मीरा को एक हजार रुपये देकर उसके श्रम और स्वावलंबन का सम्मान भी किया।
वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का काफिला तेलीबांधा मरीन ड्राइव में अचानक सड़क किनारे लगे एक छोटे से पसरे के पास रुका। यहां मीरा मिट्टी के दीये बेच रही थी। मुख्यमंत्री ने मीरा से आत्मीय बातचीत की और उसके कामकाज और परिवार का हाल जाना। उन्होंने पूछा कि क्या उसे सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मीरा ने बताया कि उसका जनधन खाता खुला है और उसे महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये मिल रहा है।
आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ताकत बन रहे स्थानीय कारीगर
दरअसल, मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क किनारे सामान बेचने वाले छोटे विक्रेता, कुम्हार और स्थानीय कारीगर अपने श्रम और हुनर से आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ताकत बन रहे हैं। स्थानीय उत्पाद खरीदना उनके श्रम और आजीविका को सम्मान देना है। उन्होंने कहा, मिट्टी का दीया आशा, प्रकाश और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। ‘आशीर्वाद का दीया’ सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प को जन-जन से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने की अपील
फिलहाल उन्होंने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने और अपनी क्षमता के अनुसार जनसेवा का संकल्प लेने की अपील की। एक छोटे से पसरे पर मुख्यमंत्री की यह मुलाकात मीरा के लिए यादगार बन गई। वहीं मिट्टी का यह छोटा-सा दीया अब सेवा, स्वावलंबन और जनभागीदारी के बड़े संदेश का प्रतीक बन गया है।


















