अब श्रीलंका हो या ऑस्ट्रेलिया..’, टीम इंडिया को मिल गई ‘त्रिमूर्ति’ और नई ‘दीवार’, इसे भेद पाना मुश्किल ही नहीं, होगा असंभव

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Team India: टेस्ट क्रिकेट में भारत को नई त्रिमूर्ति मिल गई है, जो क्रीज पर टिकने के साथ-साथ बड़े स्कोर बनाना भी जानती है. इन 3 खिलाड़ियों ने टीम मैनजमेंट की लंबी तलाश को खत्म कर दिया है.


Team India: विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के सुनहरे युग के बाद भारतीय टेस्ट क्रिकेट पिछले कुछ समय से एक नए बदलाव के दौर से गुजर रहा था. इस तिकड़ी ने लंबे समय तक टॉप ऑर्डर में टीम के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम किया था. टीम मैनजमेंट लंबे समय से ऐसे भरोसेमंद बल्लेबाजों की तलाश में था जो मुश्किल परिस्थितियों में क्रीज पर टिककर ‘नई दीवार’ की भूमिका निभा सकें. श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम की यह तलाश अब पूरी होती नजर आ रही है.


टीम इंडिया को मिल गई नई ‘दीवार’

श्रीलंका दौरे पर देवदत्त पडिक्कल, कप्तान शुभमन गिल और ध्रुव जुरेल की तिकड़ी ने अपने बेजोड़ डिफेंस और कंट्रोल से साबित कर दिया है कि टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी का भविष्य सुरक्षित और मजबूत हाथों में है. ये तीनों ही खिलाड़ी रन बनाने के साथ-साथ डिफेंस करने में भी सक्षम है, जो टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज को सफल बनाता है.

नंबर 3 पर देवदत्त पडिक्कल का जादुई प्रदर्शन

चेतेश्वर पुजारा के जाने के बाद नंबर 3 का अहम स्थान खाली था, जिस पर कई बल्लेबाजों को आजमाया गया. लेकिन देवदत्त पडिक्कल ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका है. पडिक्कल ने मौजूदा टेस्ट सीरीज की महज 3 पारियों में 2 शानदार शतक जड़ते हुए कुल 328 रन बनाए हैं. इसके साथ-साथ उनके पार क्रीज पर समय बिताने की कला भी है. वो इस सीरीज में सबसे ज्यादा 498 गेंदें खेलकर विरोधी गेंदबाजों को पूरी तरह थका चुके हैं. उनका बैकफुट और फ्रंटफुट डिफेंस टीम के लिए भरोसे की गारंटी बन गया है.


नंबर 4 पर कप्तान शुभमन गिल की स्थिरता

विराट कोहली के स्थान पर नंबर 4 पर जिम्मेदारी संभाल रहे कप्तान शुभमन गिल ने अपने खेल में गजब का ठहराव दिखाया है. गिल ने पारी को संवारने और परिस्थिति के मुताबिक आक्रामकता और संयम के बीच संतुलन बनाने में महारत दिखाई है. इस सीरीज में अब तक 156 गेंदें खेल चुके गिल ने दबाव के पलों में अहम साझेदारियां बनाकर टीम की नींव को मजबूती दी है.

बतौर बल्लेबाज भी टीम में जगह की पक्की

विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि ऋषभ पंत की मौजूदगी के बावजूद वो एक बल्लेबाज के रूप में भी प्लेइंग इलेवन में खेलने के पूरे हकदार हैं. जुरेल इस सीरीज में गेंदें खेलने के मामले में भारत के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं, जिन्होंने अब तक 260 गेंदों का सामना किया है. उनकी ठोस तकनीक और दबाव में शांत रहने का स्वभाव उन्हें मिडिल ऑर्डर में काफी भरोसेमंद बनाता है.

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