🇮🇳
Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने अब जमीनी स्तर पर जनसंवाद की रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसकी शुरुआत राज्य के दुर्ग संभाग से होने जा रही है। यह पहल राज्य के विभिन्न सामाजिक ताने-बाने को ध्यान में रखते हुए एक सर्वसमावेशी कानूनी दस्तावेज तैयार करने की एक अनूठी कोशिश है।
हालांकि उच्चस्तरीय समिति द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आगामी आठ और नौ सितंबर को दुर्ग संभाग के सभी जिलों में व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। आठ सितंबर को दुर्ग जिला मुख्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों के प्रमुख प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और प्रबुद्ध नागरिक हिस्सा लेंगे।
नौ को राजनांदगांव में बैठक
वहीं अगले दिन यानी नौ सितंबर को राजनांदगांव में बैठक होगी, जिसमें राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के प्रतिनिधि शामिल होकर अपने बहुमूल्य विचार साझा करेंगे। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य यूसीसी के दूरगामी सामाजिक एवं विधिक प्रभावों का बारीकी से आकलन करना है।
हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी
दरअसल, सरकार की मंशा है कि यूसीसी का ड्राफ्ट किसी एक वर्ग के दायरे तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें समाज के हर तबके की आवाज स्पष्ट रूप से झलके। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के नुमाइंदों के अलावा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों, पद्मश्री से सम्मानित हस्तियों, विभिन्न निगम-मंडल और आयोगों के प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। समिति का मानना है कि इतने विस्तृत स्तर पर चर्चा करने से एक ऐसा व्यावहारिक और समावेशी प्रारूप तैयार किया जा सकेगा, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक परिस्थितियों के पूर्णतः अनुकूल हो।
आगे की राह और उम्मीदें
फिलहाल, इन संभाग-स्तरीय जन-संवादों से मिलने वाले सुझावों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर उच्चस्तरीय समिति राज्य के लिए एक मजबूत, न्यायसंगत और संतुलित ड्राफ्ट तैयार करेगी। छत्तीसगढ़ में यह कवायद न केवल कानूनी सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह जन-भागीदारी की मिसाल भी पेश कर रही है।


















