Health Tips: 40 की उम्र के बाद क्यों बढ़ता है महिलाओं का सेक्सुअल कॉन्फिडेंस? सर्वे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा!

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नई दिल्ली। 40 के बाद महिलाओं की सेक्स लाइफ को लेकर चौंकाने वाले सर्वे नतीजे सामने आए हैं. जानें क्यों बढ़ता है महिलाओं का सेक्सुअल कॉन्फिडेंस और क्या कहता है सर्वे.

लंबे समय से समाज में यह धारणा रही है कि महिलाओं की सेक्स लाइफ का सबसे अच्छा दौर कम उम्र में होता है और उम्र बढ़ने के साथ उनकी सेक्स की इच्छा धीरे-धीरे कम होने लगती है. लेकिन एक नए सर्वे के नतीजे इस सोच को चुनौती देते हैं.

‘एशले मैडिसन’ और ‘यूगोव’ की एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 45% महिलाओं का मानना है कि उनका ‘सेक्सुअल प्राइम’ (सबसे बेहतरीन दौर) 40 साल की उम्र या उसके बाद शुरू होता है.

40 की उम्र के बाद क्यों बढ़ता है कॉन्फिडेंस?


सर्वे के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ जिंदगी में कई तरह के अनुभव जुड़ते हैं. नौकरी, शादी, बच्चे, परिवार और रिश्तों की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं अक्सर अपनी जरूरतों को पीछे रख देती हैं. लेकिन 40 के आसपास पहुंचने के बाद कई महिलाओं को अपनी पसंद और जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलता है. वे ये समझने लगती हैं कि उन्हें रिश्ते में क्या चाहिए और क्या नहीं.

कुछ महिलाओं के लिए इसका मतलब अपनी पार्टनर के साथ अपनी इच्छाओं के बारे में खुलकर बात करना हो सकता है तो कुछ के लिए नई चीजों को आजमाना या अपनी खुशी को प्राथमिकता देना.

यानी जरूरी नहीं कि उम्र बढ़ने के साथ सेक्स की इच्छा अचानक बढ़ जाए. कई बार बदलाव इस बात पर भी निर्भर करता है कि महिला अपनी इच्छाओं को दबाने के बजाय उन्हें समझने और स्वीकार करने लगती है.

एक्सपर्ट की क्या है राय?


रिलेशनशिप और सेक्स थेरेपिस्ट डॉ. टैमी नेल्सन का कहना है कि जब महिलाएं किसी को इम्प्रेस करने, पार्टनर ढूंढने या परिवार बढ़ाने के सामाजिक दबाव से मुक्त होती हैं तो सेक्स का मुख्य मकसद केवल ‘खुद की खुशी’ बन जाता है.

डॉ. टैमी नेल्सन के मुताबिक, जिंदगी में होने वाले बड़े बदलाव भी इसकी वजह बन सकते हैं. खासकर लंबे रिश्ते या शादी के खत्म होने के बाद कुछ महिलाओं को शुरुआत में दुख और अकेलेपन से गुजरना पड़ सकता है. लेकिन समय बीतने के साथ कुछ महिलाएं दोबारा डेटिंग और अपनी सेक्स लाइफ को लेकर नए अनुभवों के लिए तैयार हो सकती हैं. ऐसे में उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक जिंदगी जीने और अपनी इच्छाओं को समझने की आजादी भी महसूस हो सकती है.

फिल्मों और किताबों में भी बदल रही है तस्वीर


महिलाओं की सेक्सुअलिटी को लेकर समाज में बातचीत भी पहले के मुकाबले ज्यादा खुली है. फिल्मों, किताबों और पॉप कल्चर में अब 40 की उम्र के बाद महिलाओं की इच्छाओं, रिश्तों और सेक्सुअल पहचान को भी जगह मिल रही है. इससे यह बात सामने आ रही है कि महिलाओं की सेक्स लाइफ को सिर्फ उम्र या शादी के आधार पर तय नहीं किया जा सकता.

सेक्सुअल डिजायर की कोई ‘एक्सपायरी डेट’ नहीं होती


इस सर्वे का सबसे अहम पहलू यह है कि महिलाओं की इच्छाओं और सेक्सुअल लाइफ की कोई निश्चित ‘एक्सपायरी डेट’ नहीं होती. उम्र के साथ अनुभव आता है, अनुभव से आत्म-विश्वास बढ़ता है और यही कॉन्फिडेंस महिलाओं को अपनी जिंदगी और अपने शरीर पर पूरा हक जताने की आजादी देता है.

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