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Chhattisgarh News/मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में कथित गड़बड़ी के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. MCB जिले के तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा की दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोक दी गई हैं. महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह कार्रवाई शासकीय कार्यों में लापरवाही पाए जाने के बाद की है.
सामूहिक विवाह कार्यक्रम के बाद उठा विवाद
वहीं, यह मामला 10 फरवरी 2026 को आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह कार्यक्रम से जुड़ा है. आरोप था कि नवविवाहित जोड़ों को दिए गए उपहारों में कम गुणवत्ता या कथित तौर पर नकली मंगलसूत्र वितरित किए गए. इसके बाद लोगों में नाराजगी फैल गई और मामला चर्चा का विषय बन गया.
पूर्व विधायक की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
ज्ञात हो कि, भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस मामले की लिखित शिकायत महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव से की थी. शिकायत मिलने के बाद राज्य शासन ने जांच के आदेश दिए और जिला कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कराई गई.

नोटिस के बाद भी जवाब नहीं माना गया संतोषजनक
वहीं, जांच रिपोर्ट के आधार पर महिला एवं बाल विकास संचालनालय ने 18 जून 2026 को तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया. बाद में 3 जुलाई को स्मरण पत्र भी भेजा गया. अधिकारी ने जवाब दिया, लेकिन विभाग ने उसे संतोषजनक नहीं माना.
सरकार ने सुनाई सजा
दरअसल, महिला एवं बाल विकास विभाग ने माना कि अधिकारी ने अपने शासकीय दायित्वों का सही तरीके से पालन नहीं किया. इसके चलते छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने की सजा दी गई. साथ ही सूरजपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए कि संबंधित अधिकारी की सेवा पुस्तिका में इस कार्रवाई का रिकॉर्ड दर्ज कर शासन को जानकारी भेजी जाए.
फिलहाल, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में मदद के लिए चलाई जाती है. ऐसे में उपहार सामग्री की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने योजना के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर भी प्रश्न खड़े कर दिए हैं.


















