BRICS Summit 2026: एक फ्रेम में मोदी-पुतिन और जिनपिंग…BRICS में दिखी गजब केमिस्ट्री, देखें Video

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BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित BRICS समिट की कई तस्वीरें साझा कीं. इनमें एक तस्वीर में पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का हाथ थामे नजर आए. तस्वीरों में तीनों नेताओं के बीच दिखा व्यक्तिगत तालमेल खासा चर्चा में रहा. BRICS के तीसरे दशक में प्रवेश के बीच यह तस्वीर समूह के बदलते समीकरणों की झलक भी देती है. पिछले तीन वर्षों में मोदी, पुतिन और जिनपिंग की यह तीसरी मुलाकात है.

पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो के साथ बातचीत करते हुए अपनी एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें पुतिन उनके बगल में खड़े हैं. एक और तस्वीर में पीएम मोदी पुतिन के साथ चलते और मुस्कुराते हुए दिख रहे हैं.

समिट में शामिल होने वाले दूसरे नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग शामिल हैं.

ब्रिक्स में भारत ने रचा इतिहास
UN सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस, WTO डायरेक्टर-जनरल न्गोजी ओकोंजो-इवेला, WHO डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस, न्यू डेवलपमेंट बैंक की प्रेसिडेंट डिल्मा रूसेफ और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक के प्रेसिडेंट जू जियायी भी समिट में शामिल हो रहे हैं.

BRICS Summit 2026 gets underway in Delhi. pic.twitter.com/WN7YWi5bTg

— Narendra Modi (@narendramodi) September 12, 2026

भारत की ब्रिक्स प्रेसीडेंसी की थीम है “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी”. नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाला यह समिट इसलिए ज्यादा अहमियत रखता है क्योंकि यह ऐसे समय में हो रहा है, जब ग्लोबल इकॉनमी रूस-यूक्रेन युद्ध, वेस्ट एशिया संकट, खासकर होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी, और ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की ट्रेड और टैरिफ पॉलिसी के बुरे असर का सामना कर रही है.

भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक सफलता
इसी के साथ, BRICS देश शनिवार सुबह तक चली गहरी बातचीत के बाद एक साझा समझौते पर आम सहमति पर पहुंच गए हैं. बातचीत में कई विवादित मुद्दों पर मतभेद थे, जिसमें भारत ने सुबह 4 बजे तक लगातार बातचीत की ताकि अलग-अलग राय को कम किया जा सके और सदस्यों के बीच आम सहमति बनाई जा सके.



पश्चिम एशिया में चल रहे झगड़ों और बढ़ते तनाव के बीच, ईरान, सऊदी अरब और UAE के बीच आम सहमति बनाना एक मुश्किल डिप्लोमैटिक चुनौती थी, जिसमें भारत को बड़ी कामयाबी मिली है.

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