CG News : पद के दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने का आरोप..DSP कल्पना वर्मा सस्पेंड..पढ़ें पूरी ख़बर

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Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने एक अहम प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके विरुद्ध प्राप्त शिकायत की प्राथमिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है, जिसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, पद के दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने जैसे आरोप सामने आए हैं।

ज्ञात हो कि, गृह (पुलिस) विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा 5 फरवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार, डीएसपी कल्पना वर्मा के खिलाफ की गई प्रारंभिक जांच में वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों में विरोधाभासी तथ्य पाए गए हैं। जांच के दौरान दिए गए कथनों और व्हाट्सएप चैट के तथ्यों में भी स्पष्ट अंतर सामने आया है। इसके अलावा, जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन्होंने अपने कर्तव्य के दौरान अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त किया तथा अपने पद का दुरुपयोग किया।


वहीं, प्राथमिक जांच में लगाए गए आरोपों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत माना गया है। इन्हीं तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत सुश्री कल्पना वर्मा को निलंबित करने का निर्णय लिया है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, अटल नगर रहेगा। इसके साथ ही, निलंबन की अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से एवं उनके आदेशानुसार अवर सचिव गृह (पुलिस) विभाग पूरन लाल साहू द्वारा जारी किया गया है।

जानकारी के अनुसार, डीएसपी कल्पना वर्मा के खिलाफ प्राप्त शिकायत में वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई गंभीर बिंदुओं की ओर इशारा किया गया था। इसके बाद शासन स्तर पर मामले की प्राथमिक जांच कराई गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने की बात कही जा रही है। अब निलंबन के बाद इस पूरे प्रकरण में विस्तृत विभागीय जांच की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फिलहाल, गृह विभाग का स्पष्ट संदेश है कि पद चाहे कितना भी जिम्मेदार क्यों न हो, नियमों और आचरण संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन बीते कुछ समय से प्रशासनिक और पुलिस सेवा में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को लेकर कड़े कदम उठा रहा है। इसी क्रम में यह निलंबन कार्रवाई की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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