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Chhattisgarh News/रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने प्रवास के दौरान दुर्ग जिले के हिर्री गांव से गुजरते समय सड़क पर स्कूल से घर लौट रहे विद्यार्थियों को देखकर अपना काफिला रुकवाया और उनसे आत्मीय संवाद किया। मंत्री यादव ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, विद्यालय की व्यवस्थाओं तथा स्कूल में दिए जा रहे संस्कारमूलक शिक्षण के संबंध में जानकारी ली।
ज्ञात हो कि, इस दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि वे स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल, हिर्री के छात्र-छात्राएं हैं। नए शैक्षणिक सत्र के दूसरे दिन भी विद्यालय में मंत्रोच्चार, भोजन मंत्र, सरस्वती वंदना तथा संस्कारपरक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें नई और सकारात्मक सीख मिल रही है।
वहीं, विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि विद्यालय के प्रथम दिवस शिक्षकों द्वारा तिलक-चंदन लगाकर उनका स्वागत किया गया तथा उन्हें स्कूल यूनिफॉर्म वितरित की गई है। शिक्षकों ने उन्हें शीघ्र ही निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें एवं कॉपियां उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी है।
मंत्री ने बच्चों को जूते-मोजे दिलाए, खिल उठे चेहरे
दरअसल, बच्चों से चर्चा के दौरान मंत्री गजेन्द्र यादव उनकी आवश्यकताओं के प्रति भी संवेदनशील दिखाई दिए। उन्होंने काफिला छोड़कर बच्चों के साथ पैदल निकटस्थ दुकान तक पहुंचकर सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को जूते एवं मोजे उपलब्ध कराए। जूते-मोजे प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यार्थियों ने मंत्री यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
मन लगाकर पढ़ाई करें और प्रदेश का नाम रोशन करें : गजेन्द्र यादव
फिलहाल, विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सभी बच्चे उनके अपने परिवार के बच्चों के समान हैं। उनकी पुत्री भी कक्षा दसवीं में अध्ययनरत है, इसलिए वे विद्यार्थियों की भावनाओं और आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने, शिक्षकों एवं माता-पिता का सम्मान करने तथा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। मंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है, ताकि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी बेहतर भविष्य का निर्माण कर सके।


















