General Knowledge: न पश्चिम बंगाल, न ओडिशा, भारत को सबसे ज्यादा मछली देने वाला राज्य कौन सा? अमेरिका-जापान तक डिमांड

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Fish Production in India: भारत मछली के उत्पादन में रिकॉर्ड बना रहा है. भारत के कुछ राज्य मछली उत्पादन में सबसे आगे हैं, लेकिन दिलचस्प बात है कि जिस पश्चिम बंगाल को मछली-भात के लिए जाना जाता है वो लिस्ट में पहले पायदान पर नहीं है. जानिए, देश में कहां है मछली उत्पादन का सबसे बड़ा गढ़ और भारत से कितने देश खरीदते हैं मछली.

पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है. यह वो बंगाल जो मछली-भात के लिए पूरी दुनिया में फेमस है. दिलचस्प बात है कि जो बंगाल मछली के लिए जाना जाता है वो मछली के उत्पादन में पहले पायदान पर ही नहीं है. केंद्र सरकार के आंकड़े इस पर मुहर लगाते हैं. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि भारत में सबसे ज्यादा मछली उत्पादन के मामले में पश्चिम बंगाल दूसरे पायदान पर है.


मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019-20 में मछलियों का जो उत्पादन 141.60 लाख टन था वो 2024-25 में 38 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 197.75 लाख टन पर पहुंच गया है. आंकड़े सीधेतौर पर बताते हैं कि देश में मछली का उत्पादन बढ़ा है. जानिए, मछली के उत्पादन में कौन सा राज्य टॉप पर है, ऐसा क्यों है और भारत कितने देशों को मछली एक्सपोर्ट कर रहा है.

कहां है मछलियों का सबसे बड़ा गढ़?

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मुताबिक, देश में मछलियों के उत्पादन में सबसे आगे आंध प्रदेश है. यह पहले पायदान पर है. पश्चिम बंगाल दूसरे, उत्तर प्रदेश तीसरे, बिहार चौथे और ओडिशा पांचवे नम्बर पर है.

रिपोर्ट कहती है, वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के शुभारंभ के बाद से, भारत में मछली उत्पादन और मत्स्य पालन उत्पादकता दोनों में बढ़ोतरी हुई है. वहीं, बिहार के दरभंगा जिले सहित देश में पीएमएमएसवाई के शुभारंभ के बाद से वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक मछली उत्पादन में बढ़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

आंध्र प्रदेश क्यों सबसे आगे?

मछली उत्पादन में आंध्र प्रदेश सबसे आगे यूं ही नहीं है. इसके पीछे कई कारण हैं. आइए एक-एक करके इसे समझते हैं.

↪️लंबा समुद्री तट: आंध्र प्रदेश का बंगाल की खाड़ी के साथ करीब 970 किलोमीटर लंबा समुद्री तट है. इससे समुद्री मछलियों और झींगा का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव हुआ है. सबसे ज्यादा मछलियों के उत्पादन के पीछे यह एक बड़ा कारण है.
↪️नदियों और जलाशयों का गढ़: आंध्र प्रदेश में कृष्णा और गोदावरी जैसी बड़ी नदियां हैं. इनके डेल्टा क्षेत्र, तालाब और जलाशय मत्स्य पालन के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुए हैं. मछलियों के प्रोडक्शन को बढ़ाने में इनकी भी भूमिका रही है.
↪️झींगा पालन में आगे: एक्वाकल्चर में आंध प्रदेश यूं ही नहीं आगे है. यह राज्य झींगा उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र है. यहां बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक तरीके झींगा का उत्पादन किया जाता है और इसे इसे चीन, अमेरिका और यूरोप तक एक्सपोर्ट भेजा जाता है.
↪️उत्पादन बढ़ाने के नए तरीके अपनाए गए: यहां मत्स्य पालन करने वाले किसानों ने पारंपरिक तरीकों की जगह नए तरीके अपनाए. जैसे- फीड मैनेजमेंट को बेहतर किया. पानी की गुणवत्ता की जांच को बढ़ाया. हाइटेक तलाब बनाए. इसे तकनीक से जोड़ा.
↪️ये तरीके भी अपनाए: आंध्र प्रदेश में मत्स्यपालन करने वाले किसानों ने सरकारी योजनाओं का फायदा उठाया. सब्सिडी, कोल्ड स्टोरेज, एक्सपोर्ट फैसिलिटी और प्रशिक्षण के जरिए इसका उत्पादन बेहतर किया और विदेश में मछली के निर्यात को बढ़ाया. नतीजा यह लाभ का व्यवसाय बन गया और इसका दायरा बढ़ता रहा.

कितने देशों को भारतीय मछली एक्सपोर्ट कर रहा भारत?

दुनिया के 130 देश भारत से मछली और सी-फूड खरीदते हैं. इसमें अमेरिका, चीन, यूरोपीय देश, दक्षिण एशियाई देश, जापान और मिडिल ईस्ट के कई देश शामिल हैं. मछली और सी-फूड खरीदने में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा पार्टनर है.

निर्यात के मामले में आंध्र प्रदेश का बड़ा रोल है क्योंकि यहां का एक्सपोर्ट नेटवर्क भी बड़ा है. विशाखापट्टनम और काकीनाडा जैसे बंदरगाहों से समुद्री उत्पाद विदेश भेजे जाते हैं. इससे मत्स्यपालन करने वाले किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है. यहां की जलवायु गर्म और आर्द्र है. यह मछली और झींगा पालन के लिए बहुत अनुकूल मानी जाती है, जिससे सालभर उत्पादन बना रहता है.

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