👇
Lifestyle Desk| अप्रैल का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है और गर्मी अपने चरम पर है. धूप ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. भारत के कई इलाकों में हीटवेव की चपेट भी शुरू हो चुकी है, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में तापमान 40-45°C तक पहुंच रहा है.
IMD की मानें तो अप्रैल से जून तक हीटवेव की मार की संभावना है, ऐसे में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.
हीटवेव क्या है और क्यों खतरनाक?
सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर हीटवेव है क्या? हीटवेव तब मानी जाती है जब अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ज्यादा हो जाता है, इसके चलते शरीर का तापमान बिगड़ सकता है, जिससे हीट क्रैम्प्स, हीट एग्जॉर्शन और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक की परेशानी हो सकती है, इस दौरान आपको कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे चक्कर आना, उल्टी, ज्यादा पसीना या पसीना न आना, बेहोशी आदि. अगर ऐसा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय-
1. खूब पानी पिएं –
सबसे जरूरी है कि गर्मी के मौसम में खूब सारा तरह पदार्थ लें. हाइड्रेशन सबसे बड़ा हथियार है. प्यास न लगे तब भी हर घंटे थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें. ORS घोल, नींबू पानी, छाछ (लस्सी), नारियल पानी, आम का पन्ना या सत्तू का शरबत जैसे घरेलू ड्रिंक लें. चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स, शराब से बचें, ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं. बाहर जाते समय हमेशा पानी की बोतल साथ रखें.
2. पीक आवर्स में बाहर निकलने से बचें-
गर्मी के दिनों में पीक आवर्स में बाहर निकलने से बचें, दोपहर 11 बजे से 4 बजे तक धूप में न निकलें, अगर जरूरी हो तो सुबह 10 बजे से पहले या शाम 5 बजे के बाद काम निपटाएं. अगर कहीं जा भी रहे हैं तो छाता, टोपी, सनग्लासेस और गमछा/स्कार्फ साथ जरूर रखें.
3. स्मार्ट तरीके से कपड़े चुनें-
गर्मी के दिनों में कपड़ों का चुनाव सही से करें. हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती (कॉटन) कपड़े पहनें. डार्क कलर और टाइट/सिंथेटिक कपड़े गर्मी सोखते हैं और शरीर को गर्म रखते हैं. बाहर जाते समय सनस्क्रीन (SPF 30+) लगाएं.
4. घर को ठंडा रखें-
अगर आप दिन के समय घर में हैं तो इसे ठंडा रखें, दिन में खिड़कियां और पर्दे बंद रखें ताकि धूप अंदर न आए, रात में खिड़कियां खोलकर हवा आने दें. पंखा, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें. अगर बिजली नहीं है तो गीले कपड़े या ठंडे पानी से शरीर पोछें.
5. खान-पान और दिनचर्या में बदलाव करें-
गर्मी के दिनों में अपने खानपान का खास ध्यान रखें, हल्का और तरल भोजन लें, साथ ही साथ खीरा, तरबूज, संतरा, खरबूजा जैसे पानी वाले फल ज्यादा खाएं. भारी, तला-भुना या ज्यादा प्रोटीन वाला खाना कम करें. बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर खास ध्यान दें. पालतू जानवरों को भी छाया में रखें और पानी देते रहें.
लू लगने पर क्या करें?
अब ये जान लें कि अगर आपको लू लग जाएं तो क्या करें?
↪️जिसे लू लगी है उसे छाया में लिटाएं
↪️तंग कपड़े ढीले करें
↪️ठंडे गीले कपड़े से शरीर पोछें या ठंडे पानी से नहलाएं
↪️ORS या नींबू-नमक वाला पानी पिलाएं
↪️लक्षण गंभीर हों तो तुरंत अस्पताल ले जाएं


















