Health Tips : ब्रेन ट्यूमर के इन संकेतों को स्ट्रेस या माइग्रेन समझने की न करें गलती..आइए जानें

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Brain Tumor Symptoms ; ब्रेन ट्यूमर को लेकर अक्सर लोगों में कंफ्यूजन बनी रहती है. इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के और नॉर्मल होते हैं. इसलिए लोग इसे स्ट्रेस या माइग्रेन समझने की गलती करते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि माइग्रेन के किन संकेतों को हमें भूल से भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

क्या आप जानते हैं कि हर समय होने वाले स्ट्रेस, माइग्रेन या सिर दर्द को नॉर्मल लेना भारी पड़ सकता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ लोग ब्रेन ट्यूमर की चपेट में होते हैं और उसे वे माइग्रेन या नॉर्मल सिर में दर्द समझने की भूल करते हैं. दरअसल, ब्रेन ट्यूमर का नाम सुनते ही लोगों की पैरों तले जमीन खिसक जाती है. दिमाग की इस बीमारी के शुरुआती लक्षण बहुत हल्के और सामान्य होते हैं. इसलिए अधिकतर लोग ये समझ ही नहीं पाते हैं कि उन्हें ब्रेन ट्यूमर जैसी दिमाग की गंभीर बीमारी हो गई है. वो इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं. दरअसल, आज के टाइम में थकावट और स्ट्रेस का होना नॉर्मल है और इसी वजह से आम परेशानी और गंभीर बीमारी के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है.




गंभीर बीमारी के लक्षण लगातार बने रहते हैं और इन्हें भूल से भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. चलिए आपको बताते हैं कि ब्रेन ट्यूमर होने पर शरीर में कौन-कौन से संकेत नजर आते हैं.

न्यूरो सर्जन डॉक्टर प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि ट्यूमर का निरन्तर बढ़ना, सिरदर्द, दौरों (सीजर्स), दृष्टि संबंधी समस्याएं, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या बोलने में कठिनाई जैसे लक्षण नजर आते हैं.

अलग तरह का सिर दर्द

वहीं, ब्रेन ट्यूमर के होने पर एक अलग तरह का सिर दर्द होता है ये नॉर्मल तनाव जैसा नहीं होता. ये धीरे-धीरे बढ़ सकता है और हर बार परेशान करता है. खास बात है कि सुबह के समय काफी तेज होता है. इतना ही नहीं अगर पेशेंट को खांसी आती है, झुकने या लेटने पर भी तेज दर्द और बढ़ जाता है. लोग ऐसा समझते हैं कि ठीक से नींद न आना या स्ट्रेस की वजह से ये सिर दर्द हो रहा है. अगर ये सिर दर्द लगातार हो तो डॉक्टर से कॉन्टेक्ट जरूर करना चाहिए.

हर समय मतली का महसूस होना

हालांकि, अगर किसी को सुबह बार-बार मतली या उल्टी आती है तो दिमाग के अंदर बढ़ने वाला एक दबाव है. लोग इसे एसिडिटी या खराब डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम मान लेते हैं. ऐसे में सही कारण का देरी से पता चलता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ऐसा बार-बार होना बड़ी चिंता का कारण है.

नजर से जुड़ी प्रॉब्लम

वहीं, ऐसा कहा जाता है कि कभी-कभी ट्यूमर हमारे दिमाग की उन जगहों पर असर डालता है जो देखने की पावर को कंट्रोल करते हैं. इस वजह से धुंधला दिखना, डबल विजन और कुछ देर के लिए नजर चले जाने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. इतना ही नहीं तेज रोशनी दिखाई देना या साइड से ठीक से देख न पाना जैसी प्रॉब्लम भी होती है. लोगों को लगता है कि मोबाइल ज्यादा देर चलाने से ऐसा हो रहा है. ये गलती भारी पड़ सकती है.

याददाश्त पर असर

ज्ञात हो कि चीजों को भूलना, फोकस न कर पाना या फिर कंफ्यूजन की सिचुएशन भी ब्रेन ट्यूमर के संकेत हैं. इसके अलावा बात करते हुए सही शब्द याद न आना भी इसका लक्षण है. कभी-कभी कुछ लोगों ये मान लेते हैं कि मेंटल हेल्थ के बिगड़े होने, स्ट्रेस और बर्नआउट की वजह से ऐसा हो रहा है.

चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना

वहीं चलने में दिक्कत, बैलेंस का बिगड़ना, चक्कर आना और शरीर के कोआर्डिनेशन में गड़बड़ी एक बड़ा संकेत है. कई बार इसे लोग नॉर्मल कमजोरी या ब्लड प्रेशर से जुड़ी प्रॉब्लम मान लेते हैं. हर समय चक्कर आना या फिर थकान रहना ब्रेन ट्यूमर का लक्षण होता है. इसे नजरअंदाज करने की गलती न करें.



बिना वजह दौरे (सीजर्स) पड़ना

दरअसल, कुछ मामलों में दौरे ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकते हैं. अचानक शरीर में झटके आना, बेहोश हो जाना, कुछ समय तक एकटक देखते रहना या थोड़ी देर के लिए भ्रम की स्थिति पैदा होना जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

फिलहाल, दिमाग की इस बीमारी का इलाज कई चीजों पर डिपेंड करता है. इसमें इसका टाइप, साइज और जगह मैटर करती है. वैसे आजकल कई बेस्ट ट्रीटमेंट आ गए है. पेशेंट की कंडीशन को देखते हुए सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी जैसी कई टेकनिक्स का यूज किया जा सकता है.

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