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Vaginal Cancer Cause: पीरियड्स के अलावा अचानक ब्लीडिंग होना आम बात नहीं है, यह वैजाइनल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। NHS और मेेयो क्लिनिक के अनुसार जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय।
पीरियड्स के अलावा ब्लीडिंग को न करें नजरअंदाज, यह वैजाइनल कैंसर की शुरुआत हो सकती है-
Vaginal Cancer Symptoms: महिलाओं के शरीर में हर महीने पीरियड्स आना एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन कई बार पीरियड्स की तारीख न होने पर भी ब्लीडिंग (खून आना) या स्पॉटिंग होने लगती है। अक्सर महिलाएं इसे हार्मोनल गड़बड़ी या मामूली सी बात समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) और मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, पीरियड्स के अलावा किसी भी समय होने वाली ब्लीडिंग को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह वैजाइनल कैंसर (Vaginal Cancer यानी योनि का कैंसर) जैसी बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं कि वैजाइनल कैंसर क्या है, इसके क्या लक्षण होते हैं और समय रहते इससे कैसे बचा जा सकता है।
वैजाइनल कैंसर (योनि का कैंसर) क्या होता है?
वैजाइनल कैंसर महिलाओं के रीप्रोडक्टिव सिस्टम (प्रजनन अंग) के बाहरी हिस्से, जिसे योनि या वैजाइना कहा जाता है, की कोशिकाओं (cells) में शुरू होता है। यह कैंसर काफी दुर्लभ (rare) होता है, लेकिन अगर शुरुआती चरण में ही इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज पूरी तरह संभव है।
किन-किन लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है?
▪️पीरियड्स खत्म होने के बाद, दो पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग होना।
▪️संबंध बनाने के बाद दर्द या ब्लीडिंग होना।
▪️अजीब सा डिस्चार्ज होना।
▪️पेशाब में परेशानी।
▪️वैजाइना के आसपास कोई नई गांठ या सूजन महसूस होना।
▪️पेशाब करते समय जलन होना या दर्द होना।
▪️वैजाइना में लगातार खुजली या जलन रहना।
▪️असामान्य डिस्चार्ज के कारण जलन।
▪️वैजाइनल कैंसर किन वजहों से बढ़ता है?
▪️HPV वायरस।
बढ़ती उम्र।
▪️सिगरेट या बीड़ी की आदत।
▪️गर्भाशय (बच्चेदानी) की सर्जरी।
इससे बचने के लिए क्या करें?
▪️बिना बात के ब्लीडिंग हो, तो शर्माने के बजाय तुरंत लेडी डॉक्टर (गायनेकोलॉजिस्ट) को दिखाएं।
▪️रेगुलर टेस्ट करवाएं।
▪️HPV की वैक्सीन लें।
▪️शारीरिक संबंध बनाते वक्त हमेशा सुरक्षा का ध्यान रखें।
डिस्क्लेमरः
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


















