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स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने पुरुष जूनियर एशिया कप के फाइनल में कोरिया को 4-1 से हराकर खिताब बरकरार रखा। भारत ने रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीता और जूनियर विश्व कप का टिकट पक्का किया।
भारत ने पुरुष जूनियर एशिया कप के फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर खिताब बरकरार रखा। भारत ने रिकॉर्ड छठी बार यह महाद्वीपीय खिताब जीता और जूनियर विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई किया। अजीत यादव, अनमोल एक्का, प्रभदीप सिंह और आशु मौर्य ने भारत के लिए गोल किए।
मोकी। भारत ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष जूनियर एशिया कप के फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया, बल्कि आगामी जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भी जगह पक्की कर ली। भारत ने रिकॉर्ड छठी बार पुरुष जूनियर हॉकी एशिया कप का खिताब जीता है।
छठी बार चैंपियन बना भारत
हालांकि, भारत इससे पहले 2004, 2008, 2015, 2023 और 2024 में यह महाद्वीपीय खिताब जीत चुका है। छठी जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीम के तौर पर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली और कोरिया को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।
पहले क्वार्टर में भारत ने बनाई 2-0 की बढ़त
बता दें कि, भारत को नौवें मिनट में अजीत यादव ने डिफ्लेक्शन के जरिए गोल कर बढ़त दिलाई। इसके कुछ ही मिनट बाद कप्तान अनमोल एक्का ने 13वें मिनट में मिले मौके को गोल में तब्दील कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। पहले क्वार्टर के आखिर में कोरिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार बचाव करते हुए कोरियाई खिलाड़ियों को गोल करने से रोक दिया।
प्रभदीप सिंह ने दागा तीसरा गोल
ज्ञात हो कि, भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी अपना दबदबा कायम रखा। 21वें मिनट में प्रभदीप सिंह ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को कोरियाई गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने अपनी बढ़त 3-0 कर ली। कोरिया ने मैच में वापसी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भारतीय डिफेंस मजबूत और अनुशासित नजर आया। पहले हाफ की समाप्ति तक भारत ने 3-0 की मजबूत बढ़त बनाए रखी।
आशु मौर्य के गोल से भारत 4-0 आगे
वहीं, आखिरी क्वार्टर की शुरुआत भी भारत ने आक्रामक अंदाज में की। भारतीय टीम ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। कोरिया ने शुरुआती प्रयासों में गोल रोकने में सफलता हासिल की, लेकिन रेफरल के बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कोरिया का रेफरल असफल रहा और भारत को पेनल्टी कॉर्नर बरकरार रखने का मौका मिला। भारत ने इसका पूरा फायदा उठाया। आशु मौर्य ने 50वें मिनट में गोल दागकर भारत की बढ़त 4-0 कर दी।
कोरिया को मिला एकमात्र गोल
दरअसल, फाउल के बाद कोरिया को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। कप्तान ली मिनह्योक ने 54वें मिनट में गोल करके अपनी टीम का खाता खोला, लेकिन इसके बाद भारतीय डिफेंस ने कोई और मौका नहीं दिया। आखिरकार भारत ने मुकाबला 4-1 से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।
हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों को दिया इनाम
भारतीय टीम की इस शानदार उपलब्धि के बाद हॉकी इंडिया ने पुरस्कार राशि का भी ऐलान किया है। टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को तीन-तीन लाख रुपये, जबकि सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।


















