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Chhattisgarh News/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित “अभियान संवेदना” के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने लगभग 9 माह से गुम 17 वर्षीय बालिका को सकुशल दस्तयाब करते हुए उसे बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी राजेश कुमार बंजारे (30 वर्ष), पिता बरतराम बंजारे, निवासी ग्राम मनपसार, थाना सरसिंवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
जानकारी के अनुसार दिनांक 28 सितंबर 2025 को बालिका के पिता ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री दिनांक 21 सितंबर 2025 को कपड़ा सिलाई के लिए टेलर के पास जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों एवं परिचितों के यहां काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।
वहीं, शिकायत पर थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 217/2025 धारा 137(2) BNS पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम लगातार गुम बालिका एवं संदेही की पतासाजी करती रही। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि संदेही राजेश कुमार बंजारे बालिका को बहला-फुसलाकर सारंगढ़ बस स्टैंड से अपने साथ ले गया था। सूचना के आधार पर पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी रही।
दिनांक 04 जुलाई 2026 को सूचना मिलने पर SI दिलीप बेहरा के नेतृत्व में पूंजीपथरा पुलिस ने ग्राम मनपसार स्थित आरोपी के घर में दबिश दी, जहां से गुम बालिका को सकुशल बरामद कर आरोपी को हिरासत में लिया गया।
दरअसल, थाना लाकर महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बालिका का कथन दर्ज किया गया। बालिका ने बताया कि वर्ष 2025 में घर के सामने निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने वाले आरोपी राजेश बंजारे से उसकी पहचान हुई थी। बाद में आरोपी ने प्रेम एवं शादी का झांसा देकर उसे 21 सितंबर 2025 को सारंगढ़ बस स्टैंड बुलाया और अपने साथ ले गया, जहां उसका शारीरिक शोषण किया है । बालिका के कथन, मेडिकल के आधार पर प्रकरण में धारा 87,65(1 ) BNS और 4, 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ा गया ।
दरअसल, प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए आरोपी राजेश कुमार बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं बालिका को नियमानुसार परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया की गई।
फिलहाल, एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के सुपरविजन पर “अभियान संवेदना” के तहत गुम बालक-बालिकाओं की तलाश प्रभावी कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, उप निरीक्षक संध्या रानी कोका, प्रशिक्षु उप निरीक्षक मनीष पोया, प्रधान आरक्षक विनीत तिर्की, आरक्षक ओम प्रकाश तिवारी, हेम सागर पटेल, चंद्र शेखर चन्द्राकर की अहम भूमिका रही है ।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश—
“गुम बालक-बालिका की सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘अभियान संवेदना’ के तहत बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”


















