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Chhattisgarh News/बलरामपुर। अंबिकापुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के नवनिर्माण के बावजूद भारी वाहन और अधिकांश यात्री बसें फिलहाल निर्माणाधीन मार्ग से आवाजाही कर रही हैं। वहीं निजी चार पहिया वाहनों से अंबिकापुर से बलरामपुर और रामानुजगंज जाने वाले लोग वैकल्पिक रास्ते के तौर पर लोक निर्माण विभाग के प्रतापपुर-डवरा-सेमरसोत मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में इस सड़क की बदहाली ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
गड्ढे और उखड़ी सड़क देखकर रुके मंत्री
ज्ञात हो कि कृषि मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम अपने विधानसभा प्रवास के दौरान इसी मार्ग से गुजर रहे थे। प्रतापपुर से डवरा-सेमरसोत मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और सड़क की उखड़ी परत देखकर वे मौके पर रुक गए। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर सड़क की स्थिति की जानकारी ली।
वहीं, मंत्री ने कहा कि यदि समय पर पेच रिपेयरिंग कराई जाती तो सड़क इतनी जर्जर नहीं होती। रखरखाव में लापरवाही के कारण सड़क की स्थिति खराब हुई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
एसडीओ और सब इंजीनियर के निलंबन का प्रस्ताव
दरअसल, सड़क की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए मंत्री नेताम ने मौके से ही कलेक्टर बलरामपुर से फोन पर बात की और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित एसडीओ एवं सब इंजीनियर के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
नियमित मरम्मत नहीं होने से बढ़ी समस्या
फिलहाल, स्थानीय लोगों के अनुसार नियमित मरम्मत नहीं होने से छोटे गड्ढे समय के साथ बड़े हो गए और कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ गया। मंत्री ने कहा कि सड़कों के रखरखाव में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शासन स्तर पर मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत की जाती है, इसलिए समय-समय पर पेच रिपेयरिंग और आवश्यक मरम्मत कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।


















