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UP Crime: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कुछ दिन पहले एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था, जहां प्रयागराज में तैनात एक महिला दरोगा ने अपने ही ससुर पर जबरन दुष्कर्म, जानलेवा हमला करने और ससुराल वालों पर प्रताड़ना के कई गंभीर आरोप लगाए थे.
पीड़िता ने किया था अंतरजातीय विवाह
बता दें कि पीडिता मूल रूप से पारा थाना क्षेत्र की रहने वाली है और प्रयागराज में दारोगा पद पर तैनात है. महिला ने बताया कि उसकी शादी 24 फरवरी 2025 को शुभम सिंह के साथ हुई थी. पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद ससुराल वाले उसे जातिसूचक शब्द कहकर प्रताड़ित करने लगे. पीड़िता का पति ठाकुर समाज से है और दोनों ने अंतरजातीय विवाह किया था.
किया गया जबरदस्ती दुष्कर्म
हालांकि, अलग जाति होने की वजह से पीड़िता को ससुराल में लागातार अपमानित किया जाता था, साथ ही उस पर नौकरी छोड़ने का दबाव भी बनाया जाता था. महिला दरोगा ने आरोप लगाया है कि जब उसने अपने साथ हो रहे अत्याचारों का विरोध किया तो ससुराल वालों ने उसे लाइसेंसी हथियार दिखाकर डराया- धमकाया और उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया गया.जब उसने अपने पति से पूरी बात बताई तो उसने साथ देने के बजाय चुप रहने का दबाव बनाया.
शारीरिक संबंध बना खिलाया चूहे की दवा
वहीं, पीड़िता की शिकायत के अनुसार 19 जनवरी 2026 को उसके पति ने उसके इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबध बनाएं. विरोध करने पर उसे जबरन चूहे मारने वाला जहर खिलाकर कमरे में बंद कर दिया गया. किसी तरह उसने अपने पिता को फोन करके घटना की पूरी जानकारी दी, जिसके बाद गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया.
दरअसल, पीड़िता का आरोप है कि जब उसके पिता समझौते और बातचीत के लिए ससुराल पहुंच तो उनके साथ भी मारपीट की गई, पति ने लोहे की रॉड से उन पर हमला किया और रिवॉल्वर निकालकर धमकाया. वहीं 25 मई की सुबह पति द्वारा उस पर फायरिंग का भी आरोप है. जिसमें वो बाल-बाल बच गई और जान बचाने के लिए छत के रास्ते भगाकर किसी तरह खुद को सुरक्षित किया.
फिलहाल, पीड़िता ने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर सवाल उठाए थे. उसका कहना था कि वह पिछले चार दिनों से लगातार पारा थाने के चक्कर काट रही है लेकिन, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.


















